कश्मीर में गणतंत्र दिवस पर हमले की धमकी

सुरेश एस डुग्गर| पुनः संशोधित शनिवार, 18 जनवरी 2020 (20:42 IST)
जम्मू। श्रीनगर में 5 आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों का दावा है कि आतंकी सारे राज्य में गणतंत्र दिवस पर कहर बरपाना चाहते हैं क्योंकि ऐसा करने के निर्देश उन्हें सीमा पार से मिले हैं। यही कारण है कि गणतंत्र दिवस को लेकर जम्मू में जो तैयारियां की जा रही हैं, उनमें सबसे बड़ी तैयारी गणतंत्र दिवस के दिन शांति बनाए रखने की है। अर्थात आतंकी हमलों से निपटने की खातिर तैयारियां की जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव के कारण आतंकी घटनाओं को अंजाम देने में नाकाम हो रहे हैं और उन्हें कुछ बड़ा करने की खातिर सीमा पार से दबाव डाला जा रहा है।

लश्करे तैयबा और जैशे मोहम्मद के अगले निशाने क्या हैं, वह आप ही इसे स्पष्ट कर रहा है। वह श्रीनगर के उस स्थल को उड़ा देने की धमकी दे रहे हैं, जहां गणतंत्र दिवस की परेड होनी है। हालांकि सभी यह जानते हैं कि बख्शी स्टेडियम को आतंकी पिछले 31 सालों से लगातार निशाना बनाते आ रहे हैं और कई बार रॉकेटों के हमलों को यह स्टेडियम सहन कर चुका है।
इसकी पुष्टि सुरक्षाधिकारी कर चुके हैं, जिनका हालांकि कहना है कि सभी उन प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है जिन्हें आतंकी धमकी मिली है।

चौंकाने वाला तथ्य आतंकियों द्वारा बनाए जा रहे माहौल से नागरिक तो दहशतजदा हैं ही सुरक्षाकर्मी सबसे अधिक भयभीत हैं। सबसे अधिक खतरा लश्करे तैयबा से है, जो पिछले कुछ समय से कहर के रूप में कश्मीर में उस अमन-चैन की कोशिश पर टूट रहा है, जिसे लाने का प्रयत्न किया जा रहा है।
यही नहीं लश्करे तैयबा की ओर से सबसे बड़ा खतरा मानव बमों का है क्योंकि अभी तक का अनुभव यही रहा है कि लश्करे तैयबा ने आतंक तथा दहशत फैलाने के लिए मानव बमों का खुलकर इस्तेमाल किया है, जबकि आत्मघाती हमले उसके प्रमुख हथियार माने जाते हैं।

दरअसल, गणतंत्र दिवस पर हिंसा फैलाने तथा भयानक विस्फोट करने की सबसे बड़ी धमकी लश्करे तैयबा और जैशे मोहम्मद द्वारा दी जा रही है। यह भी सच्चाई है कि लश्कर और जैश की धमकी को कम करके आंका नहीं जा सकता।



और भी पढ़ें :