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रूस की सेना में अब भी 44 भारतीय, विदेश मंत्रालय की लोगों को सलाह
44 Indians still in Russian army: रूस और यूक्रेन में जारी जंग के बीच भारत के 44 नागरिक अब भी रूस की सेना में कार्य कर रहे हैं। हालांकि यह सरकारी आंकड़ा है। यह संख्या और भी ज्यादा हो सकती है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमारी जानकारी के अनुसार, वर्तमान में 44 भारतीय नागरिक रूसी सेना में सेवारत हैं। हम रूसी पक्ष के संपर्क में हैं। हम इन लोगों के परिवारों के संपर्क में भी हैं और उन्हें मामले की जानकारी दे रहे हैं।
विदेश मंत्रालय की नागरिकों को सलाह : जायसवाल ने कहा कि हमें कई भारतीय नागरिकों के बारे में सूचित किया गया है, जिन्हें रूसी सेना में भर्ती किया गया है। हमने एक बार फिर रूसी अधिकारियों के साथ इस मामले को उठाया है ताकि उन्हें जल्द से जल्द रिहा किया जा सके और इस प्रथा को समाप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि हमारी जानकारी के अनुसार, वर्तमान में 44 भारतीय नागरिक रूसी सेना में सेवारत हैं। हम रूसी पक्ष के संपर्क में हैं। हम इन लोगों के परिवारों के संपर्क में भी हैं और उन्हें मामले की जानकारी दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हम एक बार फिर सभी को यह संदेश देना चाहते हैं कि रूसी सेना में सेवा करने के लिए दिए जा रहे प्रस्तावों से दूर रहना चाहिए क्योंकि यह एक ऐसा प्रस्ताव है जो जीवन के लिए खतरे से भरा है और इसमें जान का जोखिम है।
करीब 100 भारतीय वापस आए : उल्लेखनीय है कि 100 के लगभग नागरिक भारत लौट चुके हैं। आधिकारिक तौर पर कम से कम 8 से 12 भारतीय नागरिकों की युद्ध क्षेत्र में मृत्यु की सूचना है। इसमें हाल ही में मारे गए दो हरियाणा के युवकों का मामला भी शामिल है, जिनके शव अक्टूबर 2025 में घर लाए गए थे। दरअसल, यह मामला मुख्य रूप से उन भारतीय नागरिकों से संबंधित है, जिन्हें सहायक या सुरक्षा गार्ड की नौकरी का लालच देकर रूसी सेना में भर्ती किया गया और फिर उन्हें रूस-यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
