भारत के बाद NATO देश हंगरी भी अड़ा, हम तो खरीदेंगे रूस से तेल, US की धमकी की अनदेखी
Hungary will continue to buy oil and gas from Russia: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अब नाटो (NATO) देश हंगरी ने भी रूस से तेल खरीदी के मामले में अमेरिका को सीधा-सीधा जवाब दे दिया है। हम एनर्जी सप्लाई को लेकर पूरी तरह प्रैक्टिकल हैं। हम रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करेंगे। हंगरी पर अमेरिका ने 15 फीसदी टैरिफ लगाया है, जबकि भारत पर यह दर 50 फीसदी है। अमेरिका में ही की गई इस टिप्पणी से ट्रंप की काफी किरकिरी हुई है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे हंगरी के विदेश मंत्री पीटर सिज्जारटो ने कहा कि हंगरी रूस से तेल की खरीद बंद नहीं करेगा और न ही रूस पर अपनी निर्भरता कम करेगा। अमेरिकी दबाव को नजरअंदाज करते हुए हंगरी के मंत्री ने कहा कि हंगरी रूस से तेल और गैस की खरीद जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए जरूरी है।
हम ट्रंप को समझते हैं, लेकिन... : सिज्जारटो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम डोनाल्ड ट्रंप के नजरिए को समझते हैं, लेकिन हम तेल और गैस सिर्फ वहीं से खरीद सकते हैं जहां हमारा इन्फ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। उन्होंने कहा कि रूसी सप्लाई के बिना हमारी ऊर्जा जरूरतें पूरी नहीं हो सकती हैं। उल्लेखनीय है कि हंगरी अधिकांश ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस पर निर्भर है। वहां के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान की ट्रंप के करीब हैं, लेकिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी उनके मजबूत संबंध हैं। हंगरी ने तो यूक्रेन को युद्ध के लिए हथियार देने से भी इंकार किया है।
क्या कहा था ट्रंप ने : हंगरी के विदेश मंत्री सिज्जारटो टिप्पणी से पहले ट्रंप ने सोशल साइट ट्रुथ पर कहा था कि अगर मेरे नाटो सहयोगी तैयार हैं तो मैं रूस पर बड़े प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हूं। मैं चाहता हूं कि नाटो देश रूस से तेल नहीं खरीदें।
दूसरी ओर, ट्रंप के सहयोगी लिंडसे ग्राहम ने हाल ही में हंगरी और स्लोवाकिया को धमकाते हुए कहा था कि रूस का तेल खरीदने की बात अब लगभग पूरी तरह हंगरी और स्लोवाकिया तक सीमित हो गई है। मैं चाहता हूं वे जल्द कदम उठाते हुए रूस से तेल खरीदना बंद करें। इससे खून-खराबे को खत्म करने में मदद मिलेगी। यदि नहीं तो नतीजे भुगतने ही होंगे।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala