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ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा की अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग की

Updated: शुक्रवार, 24 मई 2019 (22:17 IST)
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में रॉबर्ट वाड्रा की अग्रिम जमानत को रद्द कराने के लिए शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया और दावा किया कि वाड्रा सहयोग नहीं कर रहे हैं और पूछताछ के दौरान टाल-मटोल करते रहे हैं। ईडी ने यह भी कहा कि वे सबूतों को भी प्रभावित कर सकते हैं।
 
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई वाड्रा को यहां की एक निचली अदालत ने 1 अप्रैल को अग्रिम जमानत दे दी थी। ईडी ने उसे रद्द करने की मांग करते हुए कहा है कि विशेष न्यायाधीश ने कानून के इस तय सिद्धांत पर विचार नहीं किया कि जमानत रूटीन तरीके से नहीं दी जानी चाहिए।
 
ईडी ने अपने वकील डीपी सिंह के माध्यम से यह याचिका दायर की है जिसमें कहा गया है कि वाड्रा को गिरफ्तारी से दी गई राहत जांच के उद्देश्य को हानि पहुंचा सकती है। इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है।
 
एजेंसी ने वाड्रा के अलावा उनके नजदीकी मनोज अरोड़ा को दी गई अग्रिम जमानत को भी चुनौती दी है। अरोड़ा इस मामले में सहअभियुक्त और वाड्रा की स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी एलएलपी का कर्मचारी है। वाड्रा 19 लाख पाउंड के मूल्य वाली लंदन के 12, ब्रायंस्टन स्कवॉयर स्थित संपत्ति की खरीद के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे हैं।
 
निचली अदालत ने वाड्रा को राहत देते हुए निर्देश दिया था कि वे (वाड्रा) बिना पूर्व अनुमति के देश छोड़कर न जाएं और जब जांच अधिकारी कहें तब उन्हें जांच में शामिल होना होगा। अदालत ने इस बात का संज्ञान लिया था कि वाड्रा के कार्यालय परिसर की 7 और 8 दिसंबर 2018 को ली गई तलाशी में 20 हजार पृष्ठों के भारी-भरकम दस्तावेज जब्त किए गए।
 
ईडी ने वाड्रा के आवेदन का विरोध किया और कहा कि उनसे हिरासत में पूछताछ की जरूरत है और जांच से छेड़छाड़ का जोखिम है। वाड्रा ने अपने आवेदन में आरोप लगाया था कि यह कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। ईडी ने यह भी आरोप लगाया कि वाड्रा का निकट सहयोगी अरोड़ा उनकी विदेशी अघोषित संपत्ति के बारे में जानता था और धन जुटाने में उसकी भूमिका थी।
 
ईडी के अनुसार अरोड़ा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला तब दर्ज किया गया, जब आयकर विभाग द्वारा नए अधिनियमित कालाधन अधिनियम के तहत एक अन्य मामले की जांच के दौरान उसकी भूमिका सामने आई। इसने आरोप लगाया कि लंदन स्थित संपत्ति 19 लाख ब्रिटिश पाउंड (जीबीपी) शस्त्र सौदागर संजय भंडारी द्वारा खरीदी गई और इसके नवीनीकरण पर लगभग 65,900 पाउंड के अतिरिक्त खर्च के बावजूद उसी राशि में बेची गई थी।
 
ईडी ने कहा था कि उसे लंदन में विभिन्न नई संपत्तियों के बारे में जानकारी मिली है, जो कथित रूप से वाड्रा की हैं जिनमें 50 और 40 लाख पाउंड वाले 2 घर और 6 अन्य फ्लैट शामिल हैं। (भाषा)

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