‘अग्निपथ’ योजना : न कोई चर्चा, न गंभीर सोच-विचार, बस मनमानी

Last Updated: बुधवार, 15 जून 2022 (18:43 IST)
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नई दिल्ली। महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने थल सेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक नई ‘अग्निपथ योजना’ शुरू किए जाने को लेकर बुधवार को सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस संवेदनशील विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई, बस मनमानी की गई है।

उन्होंने ट्वीट किया कि भाजपा सरकार सेना भर्ती को अपनी प्रयोगशाला क्यों बना रही है? सैनिकों की लंबी नौकरी सरकार को बोझ लग रही है? युवा कह रहे हैं कि ये 4 वर्षीय नियम छलावा है। हमारे पूर्व सैनिक भी इससे असहमत हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि सेना भर्ती से जुड़े संवेदनशील मसले पर न कोई चर्चा, न कोई गंभीर सोच-विचार। बस मनमानी?
सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए थलसेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी ‘अग्निपथ’ योजना की मंगलवार को घोषणा की थी, जिसके तहत सैनिकों की भर्ती चार साल की लघु अवधि के लिए संविदा आधार पर की जाएगी।
योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल करीब 46 हजार सैनिक भर्ती किए जाएंगे। चयन के लिए पात्रता आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी और इन्हें ‘अग्निवीर’ नाम दिया जाएगा।



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