Live Updates : जंतर मंतर पर थोड़ी देर में किसानों की संसद, कृषि कानून के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन

Last Updated: गुरुवार, 22 जुलाई 2021 (12:26 IST)

मुख्य बिंदु
  • 22 जुलाई से 13 अगस्त तक जंतर मंतर पर किसानों का प्रदर्शन
  • उप राज्यपाल ने 9 अगस्त तक दी प्रदर्शन की अनुमति
  • रोज सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा किसानों का विरोध प्रदर्शन
  • अधिकतम 200 किसानों को प्रदर्शन की विशेष अनुमति 
  • अमेरिका ने भारत में अपने नागरिकों के लिए जारी किया सुरक्षा अलर्ट
नई दिल्ली। केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान गुरुवार से जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा के बीच एक आंदोलन शुरू करेंगे। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने 9 अगस्त तक अधिकतम 200 किसानों को प्रदर्शन की विशेष अनुमति दे दी है। किसान आंदोलन से जुड़ी हर जानकारी...
12:24PM, 22nd Jul
-5 बसों से जंतर मंतर पहुंचा 200 किसानों का जत्था।
-किसान नेता राकेश टिकैत और योगेंद्र यादव भी जंतर मंतर पर मौजूद
-कुछ ही देर में शुरू होगी किसान संसद
11:26AM, 22nd Jul
-केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित।
-अलग-अलग मुद्दों पर विभिन्न दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित।
11:02AM, 22nd Jul
-किसानों के समर्थन में कांग्रेस का संसद में प्रदर्शन।
-तीनों कृषि कानून निरस्त करने की मांग।
-संसद भवन में परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस के दोनों सदनों के कई सदस्यों ने हिस्सा लिया।
-राहुल गांधी के अलावा लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, लोकसभा सदस्य मनीष तिवारी, गौरव गोगोई, रवनीत बिट्टू, राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा और कई अन्य सांसद इस धरने में शामिल हुए।
-कांग्रेस सांसदों ने ‘काले कानून वापस लो’ और ‘प्रधानमंत्री न्याय करो’ के नारे लगाए।
10:34AM, 22nd Jul
-राकेश टिकैत का बड़ा बयान, जंतर मंतर से मात्र 150 मीटर दूर है संसद। 
-हम हमारी संसद यही चलाएंगे।
10:06AM, 22nd Jul
-5 बसों में सिंधु बॉर्डर से 200 किसानों का जत्था जंतर-मंतर रवाना।
-जंतर मंतर पर सुबह 11 बजे से किसान करेंगे प्रदर्शन।
-संसद के चारों तरफ रास्तों की बैरिकैटिंग की गई।
09:56AM, 22nd Jul
-किसान नेता योगेंद्र यादव का बड़ा बयान, आज एक ऐतिहासिक दिन है जब किसान देश के संसद के सामने जा कर खुद की संसद लगाएगा।
-योगेंद्र यादव का सवाल, सरकार जिद पर क्यों अड़ी है?
 
09:34AM, 22nd Jul
-संसद के मानसूत्र के दौरान केन्द्र के 3 कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की प्रदर्शन की योजना के मद्देनजर मध्य दिल्ली में जंतर-मंतर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
-जंतर-मंतर, संसद भवन से कुछ मीटर की दूरी पर ही है।
-सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया है।
07:43AM, 22nd Jul
-अमेरिका ने भारत में अपने नागरिकों के लिए एक सुरक्षा अलर्ट जारी किया, जिसमें उन्हें नई दिल्ली में किसानों के विरोध को देखते हुए अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाने के साथ-साथ प्रमुख क्षेत्रों, भीड़ और प्रदर्शनों से बचने की सलाह दी है।
-अमेरिकी दूतावास ने कहा कि अमेरिकी दूतावास 21 और 22 जुलाई को किसानों द्वारा नई दिल्ली और उसके आसपास संभावित प्रदर्शनों की खबरों से अवगत है। पहले इस तरह के विरोध प्रदर्शनों में हिंसा हुई है।
-इसमें कहा गया है कि दिल्ली और उसके आसपास सड़कों पर अधिक पुलिस, अतिरिक्त चौकियां और अज्ञात संख्या में प्रदर्शनकारी हो सकते हैं।
07:35AM, 22nd Jul
-200 किसानों का एक समूह पुलिस की सुरक्षा के साथ बसों में सिंघू सीमा से जंतर-मंतर आएगा और वहां पूर्वाह्न 11 बजे से शाम 5 बजे तक विरोध प्रदर्शन करेगा।
-किसान यूनियनों का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) को इस बारे में एक शपथपत्र देने के लिए कहा गया है कि सभी कोविड नियमों का पालन किया जाएगा और आंदोलन शांतिपूर्ण होगा।
-एसकेएम ने कहा कि संसद का मॉनसून सत्र यदि 13 अगस्त को समाप्त होगा तो जंतर-मंतर पर उनका विरोध प्रदर्शन भी सत्र के अंत जारी रहेगा। हालांकि उपराज्यपाल ने 9 अगस्त तक प्रदर्शन की अनुमति दी है।
07:34AM, 22nd Jul
-26 जनवरी को एक ट्रैक्टर रैली के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में हुई हिंसा के बाद पहली बार किसान यूनियनों को शहर में प्रवेश की अनुमति दी गई है।
-जंतर-मंतर पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम। सिंघु बॉर्डर पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
07:33AM, 22nd Jul
-दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि एसकेएम और किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के साथ कई दौर की बातचीत के बाद, लिखित में आश्वासन दिए जाने पर कि वे शांति बनाए रखेंगे, डीडीएमए की मंजूरी के साथ उन्हें सीमित संख्या में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई है।
-एसकेएम के लिए प्रदर्शनकारियों की संख्या 200 से अधिक नहीं होगी और केएमएससी के लिए 6 लोग रोजाना पूर्वाह्न 11 बजे से शाम 5 बजे तक प्रदर्शन में हिस्सा ले सकते हैं।
-बयान में कहा गया है कि किसान यूनियनों को कोविड प्रतिबंधों के मद्देनजर कोई मार्च नहीं निकालने की सलाह दी गई है। दिल्ली पुलिस ने यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे।



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