Live Updates : बेनतीजा रही सरकार और किसानों के बीच बैठक, 3 दिसंबर को फिर होगी चर्चा

Last Updated: शनिवार, 5 दिसंबर 2020 (19:11 IST)
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ छठे दिन भी दिल्ली की सीमा पर किसानों का धरना-प्रदर्शन जारी। इन कानूनों के बारे में किसानों को आशंका है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त हो जाएगा। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज किसानों को दोपहर 3 बजे चर्चा के लिए बुलाया। किसान आंदोलन से जुड़ी हर जानकारी...

07:27PM, 1st Dec
#FarmersBill

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कहा कि परसों तक ये लोग भी अपने मुद्दे लेकर आएंगे और सभी बिन्दुओं पर चर्चा की जाएगी। हम चाहते थे कि छोटा ग्रुप बने, लेकिन सभी किसान यूनियनों का कहना था कि सभी मिलकर बात करेंगे। सरकार को सभी से बात करने में भी परेशानी नहीं है। आज किसान यूनियन के नेता आए थे, भारत सरकार ने तीसरे चरण की वार्ता आज पूरी की है। हम सब ने निर्णय लिया है कि परसों वार्ता का चौथा चरण शुरू होगा।
 
ऑल इंडिया किसान फेडरेशन के अध्यक्ष प्रेम सिंह ने कहा कि आज की बैठक अच्छी रही। सरकार अपने स्टैंड से थोड़ा पीछे हटी है। 3 दिसंबर को अगली बैठक है, उसमें हम सरकार को यकीन दिला देंगे कि इन क़ानूनों में कुछ भी किसानों के पक्ष में नहीं है। हम इन क़ानूनों को रद्द कराकर जाएंगे। 
 
किसान प्रतिनिधिमंडल के सदस्य चंदा सिंह ने कहा कि हमारा आंदोलन जारी रहेगा। सरकार से कुछ लेकर जाएंगे। सरकार अगर शांति चाहती है तो लोगों का मुद्दा हल करे। हम मुलाकात के लिए परसों फिर आएंगे।
06:47PM, 1st Dec
दिल्ली में सरकार और किसान नेताओं के बीच बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी और खत्म हो गई। 3 दिसंबर को सरकार किसान नेताओं के साथ फिर चर्चा करेगी।
06:07PM, 1st Dec
सरकार ने दिया कमेटी बनाने का सुझाव
केंद्र सरकार ने किसानों के नेताओं से कहा कि आप नए कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए अपने संगठन से 4-5 लोगों का नाम दें और एक कमेटी का गठन करें। इसमें सरकार के प्रतिनिधि और कृषि विशेषज्ञ भी होंगे।
04:44PM, 1st Dec
-सरकार और किसानों की बातचीत के बीच शाहीद बाग की बिलकीस दादी किसानों के प्रदशर्न में शामिल होने सिंघु (दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर) पहुंच गईं, जहां उन्हें पुलिस ने‍ हिरासत में ले लिया। 

03:32PM, 1st Dec
-विज्ञान भवन में सरकार और किसानों की बातचीत
-बैठक में केंद्रीय मंत्री राजनाथ, नरेंद्र सिंह तोमर के साथ ही 35 किसान भी शामिल।
02:39PM, 1st Dec
-सिंघु बॉर्डर से एक ही बस में विज्ञान भवन के लिए निकले किसान नेता।
-बैठक में अमित शाह भी शामिल हो सकते हैं।
-भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद गाजीपुर-गाजियाबाद बॉर्डर पर किसान आंदोलन में शामिल होने पहुंचे। 
 

01:52PM, 1st Dec
-सरकार से बातचीत के लिए किसान नेता रवाना, कुछ ही देर में होगी बैठक
-कांग्रेस ने किसान संगठनों के साथ केंद्र की सरकार की प्रस्तावित बातचीत से पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह आज ही कृषि से संबंधित तीनों ‘काले कानूनों’ को निलंबित करने तथा प्रदर्शनकारी किसानों पर दर्ज मामले वापस लेने की घोषणा करें।
-पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक वीडियो जारी कर कहा, 'देर आए, दुरुस्त आए। पिछले एक हफ्ते से लाखों किसान सड़कों पर हैं, लेकिन अहंकारी मोदी सरकार उनसे बातचीत को तैयार नहीं थी। लेकिन अब कम से कम बातचीत का न्यौता तो दिया है। हमारा यह कहना है कि अगर सरकार ने बातचीत के लिए दरवाजे खोलें हैं तो अपना मन भी खोले और पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर वार्तालाप नहीं करें।'
-उन्होंने कहा, 'हमारी मांग है कि सभी किसान संगठनों को वार्ता के लिए बुलाया जाए ताकि किसानों की सारी समस्याएं सरकार के सामने रखकर उनका निदान हो सके।'
12:33PM, 1st Dec
-नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के प्रदर्शन की सफलता के लिए राष्ट्रीय राजधानी के सभी गुरुद्वारों में मंगलवार सुबह विशेष अरदास की गई।
-केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए बुंदेलखंड़ के करीब 500 किसान निजी साधनों से गुरुवार को दिल्ली कूच करेंगे।
-बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल शर्मा ने बताया कि बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी और ललितपुर जिले से करीब 500 किसान निजी वाहनों से राशन, पानी और जरूरी चीजों के साथ दिल्ली रवाना होंगे।
-शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार को कृषि कानून बनाने से पहले किसान संगठनों से मशविरा करना चाहिए था और ‘‘जबरन थोपा गया कानून’’ किसी भी दशा में स्वीकार नहीं होगा।
12:19PM, 1st Dec
-बैठक के लिए हिंद किसान सभा के प्रतिनिधि भी जाएंगे।
-संयुक्त किसान मोर्चा के 4 अन्य प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल होंगे।
-किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का बयान, बैठक में जो भी फैसला होगा, सभी किसानों को मान्य।
-बैठक में राकेश टिकैत को नहीं बुलाया गया है।
11:21AM, 1st Dec
-सिंघु बॉर्डर पर बैठक में बड़ा फैसला, मोदी सरकार से बातचीत में जाएंगे 32 संगठनों के किसान नेता।
-दोपहर 3 बजे विज्ञान भवन में होगी बैठक।
11:16AM, 1st Dec
-किसान आंदोलन के बीच गाजीपुर-गाजियाबाद (दिल्ली-यूपी बॉर्डर) पर किसानों की पुलिस के साथ झड़प।
-किसानों ने हटाए बैरिकेड्स।
10:41AM, 1st Dec
-किसान आंदोलन को लेकर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर मोदी के मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक।
-बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के शामिल होने की संभावना।
09:44AM, 1st Dec
-कृषि मंत्री के बातचीत के प्रस्ताव पर सिंघु बॉर्डर पर किसानों की बैठक जारी।
-रक्षा मंत्री राजनाथसिंह की अगुवाई में किसानों के साथ बैठक करेंगे मोदी के 3 मंत्री।
-बैठक में नरेंद्र तोमर और राजनाथसिंह भी होंगे शामिल।
-टिकरी बॉर्डर पर सुबह 11 बजे हरियाणा के किसानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस।
09:14AM, 1st Dec
-राहुल गांधी का ट्वीट, अन्नदाता सड़कों-मैदानों में धरना दे रहे हैं, और ‘झूठ’ टीवी पर भाषण! किसान की मेहनत का हम सब पर क़र्ज़ है। ये क़र्ज़ उन्हें न्याय और हक़ देकर ही उतरेगा, न कि उन्हें दुत्कार कर, लाठियाँ मारकर और आंसू गैस चलाकर। जागिए, अहंकार की कुर्सी से उतरकर सोचिए और किसान का अधिकार दीजिए।
08:17AM, 1st Dec
-पंजाब किसान संघर्ष कमेटी के नेता सुखविंदर एस सभरन ने कहा कि देश में 500 से ज्यादा किसान संगठन, सरकार ने केवल 32 को बातचीत के लिए बुलाया। उन्होंने साफ कहा कि हम बातचीत के लिए तब तक नहीं जाएंगे जब तक सभी को नहीं बुलाया जाता।
08:02AM, 1st Dec
-कृषि मंत्री के बुलावे पर कुछ ही देर में किसानों की बैठक।
-सिंघु बॉर्डर पर होगी किसानों की बैठक।
08:02AM, 1st Dec
-केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के नेताओं को कोविड-19 महामारी एवं सर्दी का हवाला देते हुए 3 दिसंबर की जगह मंगलवार को बातचीत के लिए आमंत्रित किया।
-तोमर ने कहा, 'कोरोना वायरस महामारी एवं सर्दी को ध्यान में रखते हुये हमने किसान यूनियनों के नेताओं को तीन दिसंबर की बैठक से पहले ही चर्चा के ​लिए आने का न्यौता दिया है।'
-उन्होंने बताया कि अब यह बैठक 1 दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में दोपहर 3 बजे बुलाई गई है। उन्होंने बताया कि 13 नवंबर को हुई बैठक में शामिल सभी किसान नेताओं को इस बार भी आमंत्रित किया गया है।



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