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जोड़ियां स्वर्ग में बनती हैं और जमीं पर कर्फ्यू उन्हें मिलने नहीं देता

Jammu and Kashmir
जम्मू। कहते हैं जोड़ियां स्वर्ग में बनती हैं और जमीं पर इंसान उन्हें सिर्फ मिलाने का कार्य करते हैं। पर कश्मीर घाटी के 200 और जम्मू के कुछ नवयुवकों को इस कथन पर अब विश्वास इसलिए नहीं रहा है क्योंकि वादी-ए-कश्मीर में कर्फ्यू और जम्मू में धारा 144 ने उनकी जोड़ियां बनते-बनते रुकवा दीं।
 
कश्मीर में पैदा हालात का असर शहनाई की गूंज पर भी पड़ा है। कई लोगों ने विवाह समारोह स्थगित कर दिए हैं। कई जगह निकाह की रस्में हो रही हैं, लेकिन दावत नहीं। प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वादी के विभिन्न इलाकों में अघोषित कर्फ्यू लागू कर रखा है।

घाटी में सामान्य तौर शादियों का सीजन अगस्त से नवंबर तक होता है। अधिकांश लोग ईद उल जुहा के आसपास शादी की तारीख को प्राथमिकता देते हैं। श्रीनगर शहर में एक सप्ताह के दौरान दो दर्जन शादियां रद्द  हुई हैं। पूरी वादी में यह आंकड़ा कई गुना हो सकता है।
 
जम्मू के सिदड़ा के इरशाद अहमद के छोटे भाई तजुम्मल का निकाह श्रीनगर के जकूरा में नाहिद से 14 अगस्त को होना है। बारात की तैयारी हो चुकी थी, मगर हालात ठीक नहीं हैं। लड़के वालों के मुताबिक- हम लोगों ने बुधवार को पुलिस और लड़की वालों से संपर्क किया। अब कोई बारात नहीं जाएगी। सिर्फ दूल्हे समेत चार लोग जाएंगे।

श्रीनगर के दानामजार, कमरवारी के एजाज नक्शबंदी ने बहन की शादी को स्थगित कर दिया है। परिजनों के अनुसार शनिवार को बारात आनी थी। हालात को देख लड़के वालों के साथ बातचीत के बाद शादी को एक माह के लिए स्थगित किया है। 
 
सन्नतनगर निवासी अख्तर हुसैन ने कहा कि हमने रविवार को स्थानीय अखबारों में इश्तिहार देकर शादी को टाल दिया। दोनों बेटों की बारात करालखुड में एक ही परिवार में जानी थी। बड़ा बेटा तस्सदुक दुबई में काम करता है। उसे 11 अगस्त को आना था। शादी 16 अगस्त की थी। अब शादी मुहर्रम के बाद होगी।
 
जम्मू स्थित होटल चलाने वाले गुलशेर खान ने कहा कि जब कश्मीर में शादियों का सीजन होता है, मैं वापस घर कुपवाड़ा लौट जाता हूं, क्योंकि वहां मेरे लिए काम बहुत होता है। इस बार अगस्त से सितंबर तक 14 शादियों में खाना बनाने का काम था। सभी दावतें स्थगित हैं। एसपी रैंक के एक अधिकारी ने कहा कि कुछ जगहों पर लोगों ने हमसे सहयोग का आग्रह किया, हमने उन्हें पूरा सहयोग किया। अगर किसी ने विवाह समारोह को रद्द या स्थगित किया है तो यह उसका निजी फैसला होगा।
लेखक के बारे में
सुरेश डुग्गर
सुरेश डुग्गर वेबदुनिया के लिए जम्मू कश्मीर से समाचार संकलन के लिए अधिकृत हैं। वे तीन दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।.... और पढ़ें
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