नौसेना को मिलेगी INS विशाखापत्तनम की ताकत, जानिए क्या है इस गाइडेड मिसाइल विध्वंसक में खास...
नई दिल्ली। मिसाइलों और पनडुब्बी रोधी रॉकेटों से लैस स्वदेश में निर्मित स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक विशाखापत्तनम' को रविवार को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा।
INS विशाखापत्तनम को आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 75 फीसदी स्वदेशी उपकरणों से बनाया गया है। पश्चिमी नौसेना कमान में होने वाले समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और शीर्ष नौसैनिक कमांडर शामिल होंगे।
Will be in Mumbai tomorrow, 21st November. Looking forward to attend the commissioning ceremony of INS Visakhapatnam.
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) November 20, 2021
The event marks the formal induction of the first of the four Visakhapatnam class destroyers, into the Indian Navy. @indiannavy https://t.co/RqLbrku2g4 pic.twitter.com/TZdk73OIWO
जानिए INS विशाखापत्तनम में क्या है खास...
- 'विशाखापत्तनम' सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, पनडुब्बी रोधी रॉकेट और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध एवं संचार उपकरणों सहित घातक हथियारों तथा सेंसर से लैस है।
- इसकी लंबाई 163 मीटर, चौड़ाई 17 मीटर और वजन 7400 टन है। इसकी अधिकतम रफ्तार 55.56 किलोमीटर प्रतिघंटा है।
- यह 35,000 करोड़ रुपए की परियोजना 15बी का पहला गाइडेड मिसाइल विध्वंसक है। इस परियोजना के तहत कुल 4 युद्धपोत बनाए जा रहे हैं।
- INS विशाखापट्टनम 16 ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है। इसे 4 गैस टर्बाइन इंजन से ताकत मिलती है।
- इसमें दुश्मन के रडार को चकमा देने की क्षमता है।
CURTAIN RAISER#Visakhapatnam - 21.11.21#AatmanirbharBharat #MakeInIndia#हरकामदेशकेनामhttps://t.co/7rLMVRS6RS pic.twitter.com/DWGWShUJrf
— SpokespersonNavy (@indiannavy) November 16, 2021

