पाकिस्तान के दहशतगर्दों को भारत ने किया आतंकी घोषित, दाऊद और हाफिज सईद के करीबी हैं शामिल

पुनः संशोधित मंगलवार, 27 अक्टूबर 2020 (22:30 IST)
नई दिल्ली। प्रतिबंधित संगठन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन, इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक भटकल बंधुओं और अंडरवर्ल्ड डॉन के करीब सहयोगी छोटा शकील सहित 18 लोगों को आतंकवादरोधी संशोधित गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है। अब तक आतंकवादी घोषित किए गए व्यक्तियों की संख्या 31 हो गई है।
केंद्रीय ने यह घोषणा उस दिन की है जब यहां भारत और अमेरिका के बीच टू प्लस टू संवाद हुआ है जिसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने अमेरिकी समकक्षों से मुलाकात की है।

गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि संशोधित के प्रावधानों के तहत तैयार की गई इस सूची में 1999 में इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण करने वाले अब्दुल रऊफ असगर, इब्राहिम अतहर और यूसुफ अजहर भी शामिल हैं।

इससे पहले इस कड़े कानून के तहत सिर्फ संगठनों को ही आतंकवादी घोषित किया जा सकता था न कि व्यक्तियों को। मगर अगस्त 2019 में संसद ने यूएपीए में संशोधन को मंजूरी दी थी जिसके तहत आतंकी कृत्य करने वाले या उनमें हिस्सा लेने वाले, उसके लिए तैयारी करने वाले या ऐसे कृत्यों को बढ़ावा देने वाले व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित करने वाले प्रावधान को शामिल किया गया था।

केंद्र सरकार ने इस संशोधित प्रावधान के जरिए सितंबर 2019 में चार व्यक्तियों और जुलाई 2020 में नौ व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया था। इस कानून के तहत पहले ही आतंकवादी घोषित किए जा चुके लोगों में जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अज़हर, लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक हाफीज मोहम्मद सईद, मुंबई आतंकी हमले का आरोपी जकी-उर-रहमान लखवी, भगौड़ा अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, खालिस्तान कमांडो फोर्स का सरगना परमजीत सिंह पंजवार और बब्बर खालसा इंटरनेशनल का सरगना वाधवा सिंह बब्बर शामिल हैं।

प्रवक्ता ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और आतंकवाद के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं की अपनी नीति को प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी सरकार ने आज यूएपीए के प्रावधानों के तहत 18 और लोगों को आतंकवादी घोषित किया है।

उन्होंने कहा, ये लोग सीमा पार से आतंकवाद के विभिन्न कृत्यों में शामिल हैं और देश को अस्थिर करने की नापाक कोशिशें कर रहे हैं। इस सूची में स्थित लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष कमांडर साजिद मीर भी शामिल है, जो 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक है।

26/11 मुंबई आतंकवादी हमले का आरोपी एवं लश्कर कमांडर युसूफ मुज़म्मिल, लश्कर प्रमुख का बहनोई अब्दुर रहमान मक्की भी इस सूची में शामिल है। राजनीतिक मामलों का प्रमुख मक्की संगठन के विदेशी मामलों से जुड़े विभाग के लिए भी काम कर चुका है।

इनके अलावा सूची में इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक रियाज़ इस्माइल शाहबन्द्री उर्फ रियाज़ भटकल और उसका भाई मोहम्मद इक़बाल उर्फ इक़बाल भटकल भी शामिल है। ये दोनों जर्मन बेकरी (2010), चिन्नास्वामी स्टेडियम, बैंगलोर (2010), जामा मस्जिद (2010), शीतलाघाट (2010) और मुंबई (2011) हमले सहित कई आतंकवादी कृत्यों में शामिल रहे हैं।

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के चार करीबी सहयोगी- शेख शकील उर्फ छोटा शकील, मोहम्मद अनीस शेख, इब्राहिम मेमन उर्फ टाइगर मेमन और जावेद चिकना भी इस सूची में शामिल है। इन्हें संयुक्त राष्ट्र भी आतंकवादी घोषित कर चुका है।

आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के फलाह-ए-इन्सानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) के पाकिस्तान स्थित उप प्रमुख शाहिद महमूद उर्फ शाहिद महमूद रहमतुल्ला को भी आतंकवादी घोषित किया गया है। फलाह-ए-इन्सानियत आतंकी गुट लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन है।

अक्षरधाम मंदिर (2002) और हैदराबाद में टास्क फोर्स कार्यालय पर आत्मघाती हमले (2005) में शामिल पाकिस्तान के आतंकवादी फरहतुल्लाह ग़ोरी उर्फ अबू सूफ़ियान तथा, जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूर अजहर के तीन परिवार वाले- अब्दुल रऊफ असगर, इब्राहिम अतहर और यूसुफ अज़हर भी शामिल हैं।

हिजबुल मुजाहिद्दीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन, उसके साथी गुलाम नबी खान उर्फ आमिर खान, पाकिस्तान के एक आतंकवादी और जैश के सियालकोट सेक्टर का कमांडर शाहिद लतीफ तथा हिजबुल मुजाहिदीन के वित्तीय मामलों को संभालने वाला पाकिस्तान का जफर हुसैन भट भी इस सूची में शामिल है।

प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दृढ़ और मजबूत नेतृत्व में केंद्र सरकार ने यूएपीए 1967 में संशोधन करके व्‍यक्तियों को आतंकवादी घोषित करने का प्रावधान शामिल किया। इससे पहले केवल संगठनों को इसके तहत आतंकवादी घोषित किया जाता था। प्रवक्ता ने कहा कि केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आतंकवाद से लड़ने के देश के संकल्प को स्पष्ट रूप से दोहराया है।(भाषा)



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