असम में बाढ़ का तांडव जारी, 5 की मौत, 36 लाख लोग प्रभावित

पुनः संशोधित शनिवार, 18 जुलाई 2020 (00:41 IST)
नई दिल्ली। में बाढ़ संबंधी घटनाओं में शुक्रवार को 5 और लोगों की मौत हो गई जबकि पूरे प्रदेश में लाखों लोग इससे प्रभावित हुए हैं। हालांकि विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि देश के उत्तरी और उत्तरपूर्वी हिस्सों में की सक्रियता बढ़ेगी जो समस्या को और बढ़ा सकती है।
मौसम विभाग ने बताया कि अनुकूल मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण शनिवार और रविवार से देश के उत्तरी और उत्तरपूर्वी भागों में ​की स्थिति एवं इसकी तीव्रता में वृद्धि होने की संभावना है। विभाग ने बयान जारी कर बताया, यह बाढ़ की मौजूदा स्थिति को और बढ़ा सकता है और पूर्वोत्तर राज्यों, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भूस्खलन भी हो सकता है।

एक आधिकारिक बुलेटिन में कहा गया है कि असम में बाढ़ के कारण पांच और लोगों की मौत हो गई जबकि पूरे प्रदेश के 28 जिलों में 36 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। असम प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बुलेटिन में कहा है कि असम के धुबरी, दरांग, बोंगईगांव, गोलपाड़ा एवं कामरूप जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।

इसमें कहा गया है कि गुरुवार को प्रदेश के 33 जिलों में से 27 जिलों के 39.8 लाख लोग इस जल प्रलय (बाढ़) के कारण प्रभावित हुए थे। बुलेटिन में कहा गया है कि इस साल प्रदेश में बाढ़ एवं भूस्‍खलन से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 102 हो गई है। प्रदेश में बाढ़ संबंधी घटनाओं में 75 लोगों की मौत हो गई थी जबकि भूस्खलन में 26 लोगों की मौत हो चुकी है।

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार से प्रदेश में बाढ़ की स्थिति पर तुरंत ध्यान देने एवं प्रदेश को अधिक से अधिक सहायता देने की अपील की है। असम के कुछ हिस्सों में बाढ़ के कारण लोगों की मौत एवं संपत्ति के नुकसान पर दलाई लामा ने भी दुख जताया है।

बौद्धों के आध्यात्मिक गुरु ने असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को पत्र लिखकर सरकार के राहत एवं बचाव कार्यों की सराहना की और प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की। आर्सेनल फुटबॉल क्लब ने भी कहा है कि संकट के इस दौर में वह असम के लोगों के साथ है। क्लब ने असम के लोगों से हिम्मत से काम लेने की अपील की है।
मौसम विभाग ने 18 से 20 जुलाई के दौरान देश के उत्तर पश्चिमी हिस्से में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर एवं पूर्वी भारत में 18 से 21 जुलाई के बीच तेज बारिश होने की संभावना है।(भाषा)



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