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'सर तन से जुदा' से डरे संन्यासी आत्महत्या की मांग करने दिल्ली पहुंचे, पुलिस ने किया गिरफ्तार
नई दिल्ली/गाजियाबाद। उच्चतम न्यायालय के बाहर शुक्रवार को प्रदर्शन कर रहे 10 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिनके बारे में विवादास्पद महंत नरसिंहानंद ने दावा किया कि वे जिहादियों से बार-बार हत्या की धमकी मिलने के कारण आत्महत्या करने के लिए कानूनी मंजूरी मांगने वहां गए थे।
गाजियाबाद में डासना देवी मंदिर से नरसिंहानंद ने फोन पर बातचीत में कहा कि उनके नौ शिष्यों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और शाम करीब 5 बजे उन्हें रिहा कर दिया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, शीर्ष अदालत के बाहर प्रदर्शन के आरोप में 10 लोगों को हिरासत में लिया गया था और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
क्या कहा शिष्यों ने? : दिल्ली में यति नरसिंहानंद के शिष्यों ने कहा कि हम और हमारे गुरु नरसिंहानंद जिहादियों के निशाने पर हैं। इस्लामी जिहादी हमारा सर तन से अलग करना चाहते हैं।
धमकी से डरे हुए हैं शिष्य : इससे पहले, दिन में जारी एक वीडियो क्लिप में नरसिंहानंद ने कहा था कि मेरे शिष्य शुक्रवार सुबह उच्चतम न्यायालय के लिए निकले हैं, क्योंकि वे जिहादियों द्वारा सिर कलम किए जाने की धमकी से काफी डरे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि मैं और मेरे शिष्य इस्लामी आतंकवादियों का मुख्य निशाना हैं और हमें कई बार सिर कलम करने की धमकी मिल चुकी है। जिस तरह से जिहादी हिंदुओं की हत्या कर रहे हैं वह बहुत पीड़ादायक और भयावह है।
पुलिस नहीं देती सुरक्षा : नरसिंहानंद ने दावा किया कि कोई सरकार हिंदू संतों को सुरक्षा नहीं मुहैया कराती है। जब हम एहतियाती कदम के बारे में चर्चा करते हैं तो कानून और पुलिस हमें जेल में डाल देती है, जहां हमें यातना दी जाती है। मेरठ में एक व्यक्ति का सिर कलम किए जाने के विरोध में नरसिंहानंद के वहां प्रस्तावित मार्च से पहले बृहस्पतिवार को उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने उनकी हिरासत की अवधि शनिवार तक बढ़ा दी है और उन्हें मंदिर परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। इस बीच, पुलिस अधीक्षक (एसपी, देहात) इराज राजा ने कहा कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए मंदिर के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। (भाषा)
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
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