Hanuman Chalisa

असम में भी पास हुआ UCC विधेयक, क्‍या लव जिहाद पर लगेगी रोक, कानून पर क्‍या बोले CM हिमंता?

Updated: बुधवार, 27 मई 2026 (18:38 IST)
Uniform Civil Code Bill 2026 : असम विधानसभा ने बुधवार को समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित कर दिया है। इस प्रस्तावित कानून के पारित होने के साथ ही असम, उत्तराखंड और गुजरात के बाद समान नागरिक संहिता विधेयक पारित करने वाला तीसरा राज्य बन गया है। हालांकि विपक्ष ने मांग की थी कि विधेयक को पहले विस्तृत चर्चा के लिए चयन समिति के पास भेजा जाए। इससे पहले मुख्यमंत्री सरमा ने इसको लेकर कहा था कि यह विधेयक असम की सामाजिक संरचना और विशिष्ट जनसांख्यिकीय विविधता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
 
असम विधानसभा ने बुधवार को समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित कर दिया है। इस प्रस्तावित कानून के पारित होने के साथ ही असम, उत्तराखंड और गुजरात के बाद समान नागरिक संहिता विधेयक पारित करने वाला तीसरा राज्य बन गया है। हालांकि विपक्ष ने मांग की थी कि विधेयक को पहले विस्तृत चर्चा के लिए चयन समिति के पास भेजा जाए।
ALSO READ: गुजरात विधानसभा में ऐतिहासिक UCC बिल पारित, अब शादी, तलाक और लिव-इन पर सख्त कानून
इससे पहले मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इसको लेकर कहा था कि यह विधेयक असम की सामाजिक संरचना और विशिष्ट जनसांख्यिकीय विविधता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सरमा का कहना है कि इस विधेयक में मुख्य रूप से न्यूनतम आयु, बहुविवाह पर प्रतिबंध, माता-पिता की संपत्ति में बेटियों के समान अधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप से संबंधित मामलों को शामिल हैं।
 
इस विधेयक का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव इन रिलेशन को नियंत्रित करने के लिए धर्म की परवाह किए बिना एक समान कानूनी ढांचा स्थापित करना है। विधानसभा अध्यक्ष ने शोर-शराबे के बीच विधेयक को ध्वनिमत से पारित कराया। इस दौरान सत्तापक्ष के सदस्य 'भारत माता की जय' और 'जय श्रीराम' के नारे लगाते रहे।
ALSO READ: मध्यप्रदेश में UCC लागू करने के लिए आगे बढ़ी मोहन सरकार, उच्चस्तरीय समिति का किया गठन, जानें क्या करेगी कमेटी?
विधानसभा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने विपक्ष की उस मांग को खारिज कर दिया जिसमें विधेयक को व्यापक विचार-विमर्श के लिए एक प्रवर समिति के पास भेजने की बात कही गई थी। यह विधेयक राज्य में शादी, तलाक और संपत्ति के उत्तराधिकार जैसे संवेदनशील पारिवारिक मामलों में धर्म से परे जाकर एक समान कानून की वकालत करता है।
ALSO READ: UCC का समय आ गया है, सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, मुस्लिम महिलाओं से जुड़ी याचिका पर सुनवाई
नए प्रावधानों के तहत राज्य में बहुविवाह पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है और इसका उल्लंघन करने पर सात साल तक की कैद का कड़ा प्रावधान है। इसके अलावा लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण कराना अब कानूनी रूप से अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर तीन महीने तक की जेल की सजा हो सकती है। विधेयक में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह कानून असम में रहने वाले किसी भी अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति पर लागू नहीं होगा।
Edited By : Chetan Gour
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

22.80 KMPL माइलेज और 1300 KM रेंज वाली Honda ZR-V Hybrid SUV भारत में लॉन्च

सड़कों पर Gen-Z हुंकार, सोशल मीडिया से लेकर ज़मीनी आंदोलन तक, दिल्ली- मुंबई में दिखा Gen-Z गर्ल्‍स की निडरता

Honda ADV160 भारत में पेश, देश का पहला E85 इंजन वाला मैक्सी स्कूटर जल्द होगा लॉन्च

Rahul Gandhi : राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, बोले- क्या छात्र फिर कभी देख पाएगा? CJP प्रदर्शन में पैलेटगन के इस्तेमाल का आरोप

भारतीय Gen-Z ने मेलोनी से की पीएम मोदी की शिकायत, छात्र बोले, मोदीजी को समझाओ न प्‍लीज

सभी देखें

LIVE: अभिजीत दीपके को टाइफाइड, वीडियो पोस्ट कर कहा- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगी लड़ाई

आगरा में विकास की नई रफ्तार, मेट्रो और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स से उभर रहा इंडस्ट्रियल हब

गुजरात में 5 वेदर सिस्टम सक्रिय; अहमदाबाद और कच्छ समेत 4 जिलों में रेड अलर्ट, 24 घंटे में कहां कितनी हुई बारिश?

'मेट्रो, इंटरनेट और खाना बंद करा दिया, पेपर लीक नहीं रोक पाए', जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

6 दिन बाद फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, 6,269 श्रद्धालुओं का जत्था बालटाल मार्ग से रवाना

अगला लेख