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Last Modified: इंदौर (मप्र) , गुरुवार, 21 मई 2026 (17:41 IST)

महिला के पेट से निकली फुटबॉल के आकार की विशाल गांठ, इंदौर में सफल सर्जरी

Rare medical case successfully treated in Indore
इंदौर के केयर सीएचएल हॉस्पिटल में हाल ही में एक जटिल और दुर्लभ मेडिकल केस का सफलतापूर्वक इलाज किया गया, जिसने डॉक्टरों के सामने कई गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी थीं। मरीज़ पेट में तेज दर्द और अत्यधिक ब्लीडिंग की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि उसके पेट में फुटबॉल के आकार की विशाल गांठ मौजूद है, जिसे फाइब्रॉइड कहा जाता है। यह गांठ आकार में लगभग 7 से 8 महीने की गर्भावस्था जितनी बड़ी हो चुकी थी, जिससे मरीज़ की स्थिति लगातार बिगड़ रही थी।
 
मामले की जटिलता इसलिए भी बढ़ गई क्योंकि मरीज को करीब 4 महीने पहले दिमाग से जुड़ी गंभीर समस्या हो चुकी थी। उस समय जांच में उसके मस्तिष्क में कई स्थानों पर 'वीनस हेमोरैजिक इन्फार्क्ट' पाए गए थे। इसमें न्यूरोलॉजी विभाग से डॉ. मनोरंजन बरनवाल (न्यूरोलॉजिस्ट) की विशेष निगरानी एवं परामर्श में मरीज का प्रबंधन किया गया।
 
मरीज़ की स्थिति स्थिर होने के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी की योजना बनाई। सावधानीपूर्वक किए गए ऑपरेशन के दौरान मरीज के पेट से लगभग 2.5 से 3 किलो वजनी फुटबॉल के आकार की विशाल फाइब्रॉइड एवं बच्चादानी को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। ऑपरेशन के दौरान ब्लीडिंग को नियंत्रित रखना और मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित करना टीम के लिए बड़ी चुनौती था, जिसे डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक संभाला।
 
केयर सीएचएल हॉस्पिटल की डॉ. नीना अग्रवाल, सीनियर कंसल्टेंट गायनेकोलॉजी लैप्रोस्कोपिक सर्जन ने कहा, यह केस इसलिए चुनौतीपूर्ण था क्योंकि मरीज़ हाल ही में वीनस हेमोरैजिक इन्फार्क्ट से गुजरी थी और ब्लड थिनर पर थी। ऐसे में सर्जरी का सही समय तय करना सबसे महत्वपूर्ण था और इसके लिए मल्टीडिसिप्लिनरी टीम के साथ विस्तृत योजना बनाई गई।

सही समय पर ऑपरेशन कर लगभग 2.5 से 3 किलो की फुटबॉल के आकार की विशाल गांठ को सुरक्षित तरीके से निकाला गया। फिलहाल मरीज की स्थिति स्थिर है और उसे निगरानी में रखा गया है और इस गांठ और बच्चेदानी को जांच के लिए भेजा गया है।
 
केयर सीएचएल हॉस्पिटल के सीनियर कंसलटेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मनोरंजन बरनवाल ने कहा, मरीज़ पहले से ही गंभीर न्यूरोलॉजिकल स्थिति से गुज़र चुकी थी, इसलिए उपचार के दौरान हर कदम बेहद सावधानी से उठाना ज़रूरी था। ब्लड थिनर पर होने के कारण सर्जरी का जोखिम काफी बढ़ गया था।

न्यूरोलॉजी, गायनेकोलॉजी और एनेस्थीसिया टीम के समन्वय से मरीज़ की स्थिति को लगातार मॉनिटर किया गया और सही समय पर सुरक्षित सर्जरी संभव हो सकी। वर्तमान में मरीज़ रिकवरी कर रही है और उसकी स्थिति संतोषजनक है।
 
केयर सीएचएल हॉस्पिटल के HCOO मनीष गुप्ता ने कहा, ऐसे मामलों में समय पर जांच, सही उपचार योजना और विशेषज्ञ टीम का समन्वय बेहद जरूरी होता है। इस सफल सर्जरी ने एक बार फिर यह साबित किया है कि जटिल परिस्थितियों में भी सही रणनीति और विशेषज्ञता से मरीज को सुरक्षित उपचार दिया जा सकता है।
 
अब इंदौर में ही सभी जटिल सर्जरी आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा सफलतापूर्वक की जा रही हैं, जिससे मरीजों को बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और उन्हें समय पर बेहतर इलाज मिल रहा है। उन्नत सुविधाओं और अनुभवी विशेषज्ञों के कारण अब मरीजों को हाई-एंड ट्रीटमेंट अपने ही शहर में उपलब्ध है, जिससे वे जल्दी रिकवर होकर सामान्य जीवन जी पा रहे हैं।
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