Flex Fuel Vehicle : पेट्रोल की टेंशन खत्म, 3 जून को Hero की एथेनॉल बाइक और 4 जून को Maruti की E100 कार लॉन्च, जानिए क्या होंगी खूबियां
भारत में वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने की दिशा में इस सप्ताह बड़ा कदम उठने जा रहा है। देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां मारुति सुजुकी और हीरो मोटोकॉर्प भारतीय बाजार के लिए अपने पहले फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को पेश करने की तैयारी में हैं। हीरो मोटोकॉर्प 3 जून को अपनी पहली एथेनॉल आधारित मोटरसाइकिल लॉन्च करेगी, जबकि मारुति सुजुकी 4 जून को देश की पहली मास-मार्केट फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार पेश करने जा रही है।
क्या है खास?
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में पुष्टि की थी कि मारुति सुजुकी का नया वाहन 100 प्रतिशत एथेनॉल ईंधन (E100) पर चलने में सक्षम होगा। हीरो मोटोकॉर्प के लॉन्च कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद रहेंगे। कंपनी की यह नई बाइक भारत में उसकी पहली फ्लेक्स-फ्यूल पेशकश होगी और इसे आम उपभोक्ताओं के कम्यूटर सेगमेंट को ध्यान में रखकर लॉन्च किया जाएगा।
हालांकि हीरो मोटोकॉर्प ने अभी तक बाइक के नाम या तकनीकी विवरण का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह कंपनी की लोकप्रिय बाइक्स स्प्लेंडर या HF डीलक्स पर आधारित हो सकती है। पिछले वर्ष कंपनी ने भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 में HF डीलक्स आधारित फ्लेक्स-फ्यूल प्रोटोटाइप भी प्रदर्शित किया था।
क्या होता है फ्लेक्स-फ्यूल वाहन?
फ्लेक्स-फ्यूल वाहन ऐसे वाहन होते हैं जो पेट्रोल, एथेनॉल या दोनों के मिश्रण पर चल सकते हैं। वर्तमान में भारत में अधिकांश पेट्रोल वाहन E20 ईंधन (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण) तक ही अनुकूल हैं, जबकि फ्लेक्स-फ्यूल वाहन E85 और E100 जैसे उच्च एथेनॉल मिश्रण पर भी आसानी से चल सकते हैं। E85 में 85 प्रतिशत तक एथेनॉल होता है, जबकि E100 पूरी तरह एथेनॉल आधारित ईंधन है।
मारुति की कौन-सी कार होगी लॉन्च?
मारुति सुजुकी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक सबसे पहले किस मॉडल में दी जाएगी। हालांकि कंपनी पहले भारत में फ्लेक्स-फ्यूल वैगनआर का प्रदर्शन कर चुकी है, इसलिए इसके लॉन्च होने की संभावना सबसे अधिक मानी जा रही है। सरकार वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने और ईंधन आयात पर निर्भरता घटाने के लिए ऑटोमोबाइल कंपनियों को उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले वाहनों के विकास के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
नितिन गडकरी के अनुसार, भारत की करीब 87 प्रतिशत ईंधन जरूरतें अभी भी आयात के माध्यम से पूरी होती हैं। इसी को देखते हुए सरकार देशभर में एथेनॉल इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार करने की योजना बना रही है। अगले दो वर्षों में भारत में लगभग 5,000 E100 ईंधन स्टेशन स्थापित किए जाने की संभावना है। Edited by : Sudhir Sharma
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