गुरुवार, 26 मार्च 2026
  1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. राष्ट्रीय
  4. supreme court observes time for uniform civil code ucc muslim women inheritance rights
Last Modified: नई दिल्ली , मंगलवार, 10 मार्च 2026 (16:31 IST)

UCC का समय आ गया है, सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, मुस्लिम महिलाओं से जुड़ी याचिका पर सुनवाई

Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का समय अब आ गया है। कोर्ट ने यह बात 1937 के शरीयत कानून के उन प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान कही, जिन्हें मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण बताया गया था।

 अदालत नहीं, विधायिका ले फैसला 

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने याचिका को एक "बहुत अच्छा मामला" करार दिया। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर विधायिका (संसद) को ही निर्णय लेना चाहिए। अदालत ने तर्क दिया कि यदि शरीयत उत्तराधिकार कानून को रद्द कर दिया जाता है, तो एक 'कानूनी शून्य' पैदा हो जाएगा, क्योंकि मुस्लिम उत्तराधिकार को नियंत्रित करने वाला कोई अन्य वैधानिक कानून फिलहाल मौजूद नहीं है।
 
सुप्रीम कोर्ट की मुख्य टिप्पणियाँ:
CJI सूर्यकांत: "सुधारों की अति-उत्सुकता में हम उन्हें उनके अधिकारों से वंचित कर सकते हैं। यदि 1937 का शरीयत अधिनियम हटा दिया जाता है, तो क्या यह एक अनावश्यक शून्य पैदा नहीं करेगा?" उन्होंने आगे कहा, "इसका एकमात्र उत्तर समान नागरिक संहिता है।"
 
जस्टिस बागची: "भेदभाव पर आपका पक्ष मजबूत है, लेकिन क्या इस मामले को विधायिका के विवेक पर छोड़ना उचित नहीं होगा? नीति निर्देशक सिद्धांतों के अनुसार UCC लागू करना विधायिका का अधिकार है।"
 
एक पत्नी का नियम : जस्टिस बागची ने यह भी नोट किया कि 'एक पुरुष के लिए एक पत्नी' का नियम सभी समुदायों पर समान रूप से लागू नहीं हो रहा है, लेकिन इसे असंवैधानिक घोषित करने के बजाय विधायी शक्ति पर छोड़ना बेहतर है।

याचिकाकर्ता का तर्क

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने दलील दी कि अदालत यह घोषणा कर सकती है कि मुस्लिम महिलाएं पुरुषों के समान उत्तराधिकार की हकदार हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि शरीयत कानून को रद्द किया जाता है, तो भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम (Indian Succession Act) के प्रावधान लागू किए जा सकते हैं। Edited by : Sudhir Sharma
ये भी पढ़ें
UP में सर्किट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग शुरू, प्रक्रिया हुई आसान और पारदर्शी