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जब कुछ 'ज्यादा' और 'बेहतर' करना है तो नए साल का इंतजार क्‍यों?

Updated: शुक्रवार, 31 दिसंबर 2021 (18:38 IST)
गुजरे हुए साल को अलविदा कहकर नए साल बेसब्री से इंतजार करते हैं..ठीक वैसे ही जैसे स्टेशन पर पहुंचने वाली ट्रेन की आवाज सुनते ही उसे देखने लगते हैं और इस कदर की अब इंतजार नहीं होगा...न्‍यू ईयर पर भी कुछ ऐसा ही होता है 31 दिसंबर की रात को जब 11 बजकर 59 मिनट होते ही उस 1 सेकंड का इंतजार और... नए साल में प्रवेश।

क्या 31 दिसंबर की रात और सुबह 1 जनवरी की सुबह में आप में कोई अंतर आ जाता है...कल रात को जब आपसे मुलाकात हुई थी और आज सुबह मुलाकात हुई उसमें कोई अंतर आया है...क्या सिर्फ एक अंक बदल जाने से या 365 दिन पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा पूरी कर लेने मात्र से जब आप नए साल में प्रवेश करते हैं तो क्या आप भी हर साल बदल रहे हैं...अधिकतर लोगों का जवाब ना ही होगा..

कई बार लोग नए साल का इंतजार इसलिए करते हैं क्योंकि वह अपने आसपास घटित हो रही चीजों से ऊब जाते हैं...और वे सीधे सोचते हैं बस ये साल गुजर जाए...लेकिन क्‍या साल बदलने से हालात बदल जाएंगे...रात में 11 बजकर 59 मिनट के 1 सेकंड बाद जैसे सबकुछ बदल जाएगा? स्थिति, हालात, चुनौतियां, धनवान हो जाएंगे..? क्या कोविड का दुख कम हो जाएगा...? लेकिन जरा सोचिए अंक बदलते हैं, वक्त बदलते ही, कैलेंडर बदलते ही व्‍यक्ति नहीं बदला तो फिर क्या ही बदलेगा.. बेशर्त अधिकतर लोगों का जवाब ना होगा। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा जब इंसान नहीं था तब भी सूर्य पृथ्वी के 365 दिन चक्कर लगा रही थी और जब एक दिन एक भी मनुष्य इस दुनिया में नहीं रहेगा और तब भी सूर्य और पृथ्वी का ये सिलसिला चलता रहेगा...चलता रहेगा...

जरा गोर करिए जब अंकों के बदलने से प्रकृति में अंश भर भी बदलाव नहीं होते हैं तो उस 1 सेकेंड में बड़े बदल बदलाव की उम्मीद कैसे की जा सकती है..!! पिछले साल अमेरिका में करीब 80 करोड़ लोगों पर सर्वे हुआ जिसमें सामने आया कि 80 फीसदी लोग 1 जनवरी को संकल्प लेने वाले लोग 19 जनवरी तक भी पूरा नहीं कर पाते हैं...वहीं वैज्ञानिकों के मुताबिक 21 दिन तक किसी कार्य को शिद्दत से करने से वह आपकी आदत बन जाती है।

अगर सचमुच 1 सेकेंड में दुनिया बदलना चाहते हैं या कोई कमाल करना चाहते हैं तो इसके लिए अपनी क्षमताओं का विकास करना होगा....बेहतरी के लिए अधिक प्रयास करना होगा...तभी 'ज्यादा' और 'बेहतर' कार्य कर सकेंगे...तब जरूर आप बेहतर कल की उम्‍मीद करेंगे..शायद वो दिन आपके लिए नया साल बनेगा...और आप उसे हर साल एक जश्‍न की तरह बनाएं...एडवांस में मुबारक हो नया साल लेकिन जिसे आपने बदला हो, जो हर साल आएंगा और आपको असल में पहले से अधिक ऊर्जा देगा....
लेखक के बारे में
सुरभि भटेवरा
जूनियर सब-एडिटर.... और पढ़ें

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