dharma sangrah

इंदौर स्थित पितरेश्वर हनुमान धाम के आसपास के चर्चित धार्मिक स्थल

Updated: शुक्रवार, 13 मार्च 2020 (13:24 IST)
इंदौर। पितरेश्वर हनुमान धाम की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से ही यह स्थान पूरे देश में चर्चित हो गया है। यहां पर 28 फरवरी को पूरे विधि-विधान के साथ अष्टधातु की दुनिया की सबसे बड़ी हनुमानजी की मूर्ति स्थापित हुई है। पितरेश्वर हनुमान धाम के आसपास का इलाका पहले ही धार्मिक है और आने वाले समय में यह स्थान पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट करेगा।
 
कोई 45 साल पहले इंदौर का एयरपोर्ट बहुत छोटा हुआ करता था। एयरपोर्ट से ही सटे प्राचीन बिजासन माता के मंदिर की पताका सड़क से ही नजर आती थी। पूरे शहर के लिए सिद्ध बिजासन माता का म‍ंदिर हमेशा से ही धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है। साल में 2 बार आने वाली नवरात्रियों के दिनों में सड़क पर पैर रखने की जगह तक नहीं होती है।
 
बिजासन माता के मंदिर में आज भी कई लोग मन्नत मांगते हैं और ऐसी मान्यता है कि उनकी मन्नत पूरी होती है। बरसों पहले जब इंदौर में केवल दशहरा मैदान पर ही रावण दहन होता था, तब दहन के बाद लोग बिजासन मंदिर में माता के दर्शन के लिए जाते थे और लौटते वक्त यहीं से सोना पत्ती लेते थे।
बिजासन माता मंदिर के समीप ही जैन समाज का बहुत बड़ा मंदिर 'ह्रींकारगिरि तीर्थ' है। यहां पर दूर-दूर से लोग आते हैं। इसके अलावा 'गोम्मटगिरि' भी है। यह स्थान दिगंबर जैन समुदाय का है, जो काफी विशाल है।

यहां पर बहुत बड़ी मूर्ति है, जिसका शुभारंभ करने राष्ट्रपति आए थे। गोम्मटगिरी की पहाड़ी पर ही बाएं हाथ पर कालका माता मंदिर व कम्प्यूटर बाबा का आश्रम है। कम्प्यूटर बाबा को राज्यमंत्री का दर्जा भी हासिल है। 
 
पितरेश्वर हनुमान धाम के बांयी तरफ एक प्रसिद्ध विपश्यना केंद्र भी है, जहां देश के कई हिस्सों लोग विपश्यना शिविर में हिस्सा लेकर आत्मशुद्धि करते हैं। यहां पर साप्ताहिक, 15 दिन और मासिक शिविरों का आयोजन होता है।
 
एरोड्रम रोड की पहचान किसी समय अखंड धाम से होती थी। यह काफी प्राचीन था, जहां 24 घंटे सीता राम और रामायण का पाठ हुआ करता था। इसके बाद बीएसएफ के ठीक सामने विद्याधाम बना। यहां भी काफी चहल पहल हमेशा बनी रहती है। यही नहीं, प्रवचन और धार्मिक आयोजन यहां होते रहते हैं। इसके अलावा इस इलाके में दास बगी‍ची, शंकर सुगंधी बगीची काफी प्रसिद्ध हैं।
यूं देखा जाए तो पितरेश्वर हनुमान धाम जाने की शुरुआत बड़ा गणपति से होती है। यहां से पितरेश्वर हनुमान धाम की दूरी करीब 7 किलोमीटर है। बड़ा गणपति पर शहर के सबसे बड़े गणेश भगवान की मूर्ति है।

यहां भी गणेश चतूर्थी पर मेला-सा लगा रहता है। कुल मिलाकर 7-8 किलोमीटर का यह पूरा इलाका आस्था और विश्वास के सबसे बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो चुका है।

यह भी पढ़ें
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

आरक्षण विरोधी आंदोलन पर पूर्ण प्रतिबंध क्यों? हाईकोर्ट ने लगाई दिल्ली पुलिस को फटकार, जानिए क्या है पूरा मामला

पहले 10 लाख जमा किए, IDA ने फिर मांगे 4 लाख रुपए, राहुल गांधी के इंदौर में आयोजन में फिर अड़चन

Hyundai BAYON India : नए SUV का डिजाइन आया सामने, H-Edge लाइटिंग ने खींचा ध्यान; जानें क्या-क्या हुआ कन्फर्म

Samsung Galaxy A18 4G लॉन्च, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ आया फोन; जानें कीमत और फीचर्स

Suzuki e-Access खरीदें या नहीं? आराम, बैटरी और रेंज में दमदार, क्या कुछ कमियां भी हैं

सभी देखें

PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर UP में दीपोत्सव जैसा माहौल, सीतापुर में मोदी-योगी की आकृति तो मेरठ में 'आशीर्वाद का दीया' बना आकर्षण

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत, स्वामित्व अधिकार योजना के तहत 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

UPI विवाद पर हंसराज विश्वकर्मा का राहुल गांधी-अखिलेश पर निशाना , बोले- दोनों के बीच सांठगांठ

अंबेडकरनगर में 1100 बीघा जमीन पर आकार ले रहा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, पराली से बनेगी बायो गैस

अगला लेख