Mahashivratri पर महाकालेश्वर में विशेष पूजा, 44 घंटे तक खुले रहेंगे महाकाल के पट

Last Updated: शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020 (10:01 IST)
उज्जैन। में महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व 21 व 22 फरवरी को मनाया जा रहा है। इस दौरान 44 घंटे मंदिर के पट खुले रहेंगे। श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकेंगे। गर्भगृह में पुजारियों का ही प्रवेश रहेगा। कोई भी श्रद्धालु व में प्रवेश नहीं करेगा।
गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित : मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं को सुलभ दर्शन के लिए गर्भगृह में किसी का भी प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है ताकि कतारों से आ रहे श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी तरह का व्यवधान न हो।

नियमित पूजन व आरती हुई : मंदिर समिति सदस्य पं. आशीष पुजारी के अनुसार मंदिर में 20 फरवरी को भगवान का नियमित पूजन व आरती हुई यानी तड़के 4 बजे भस्म आरती, सुबह 7, 10.30 और शाम 7.30 बजे। रात 10.30 बजे आरती के बाद पट बंद हुए।
21 फरवरी को भस्म आरती : 21 फरवरी को भस्म आरती के लिए तड़के 2.30 बजे पट खुले। भस्म आरती के बाद सुबह 7 व 10.30 बजे आरती हुई। इस दौरान भगवान का केवल चंदन श्रृंगार होगा। दोपहर 12 बजे शासन की ओर से भगवान का अभिषेक किया जाएगा। अपराह्न 4 बजे सिंधिया और होलकर घराने की ओर से अभिषेक पूजन होगा, शाम 7.30 बजे आरती होगी।

शयन आरती नहीं होगी :
इस रात शयन आरती नहीं होगी। मंदिर के पट खुले रहेंगे। रात 11 बजे से महाशिवरात्रि महापूजन होगा, जो 22 फरवरी को तड़के तक चलेगा। 22 को सुबह 6 बजे से सेहरा दर्शन होंगे। सुबह 7.30 बजे आरती होगी। 11 बजे सेहरा उतरेगा तथा दोपहर 12 बजे भस्म आरती की जाएगी। दोपहर 2 बजे भगवान की भोग आरती होगी। शाम 7.30 बजे सांध्य आरती और रात 10.30 बजे से शयन आरती के बाद मंदिर के पट बंद होंगे।




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