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  4. Former CM Uma Bharti postponed the surgery of 13 common patients.
Last Updated : शनिवार, 8 नवंबर 2025 (13:20 IST)

पूर्व सीएम उमा भारती की वजह से टली 13 आम मरीजों की सर्जरी, बगैर इलाज के लौटे मरीज, आखिर क्‍या है पूरा मामला?

Former Chief Minister Uma Bharti has caused the surgery of 13 civilian patients to be postponed
मध्यप्रदेश के सतना जिला अस्पताल से एक हैरान करने वाला सामने आया है। यहां एक घटना के बाद यह सामने आया कि कैसे वीआईपी लोगों की वजह से आम आदमी चिकित्‍सा सेवा से वंचित रह जाता है। मामला मध्‍यप्रदेश के सतना जिला अस्‍पताल का है। यहां वीआईपी प्रोटोकाल की वजह से क्षेत्र के कई आम मरीज इलाज से वंचित रह गए।

दरअसल, हाल ही में प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने चित्रकूट प्रवास किया था। उनके इसी प्रवास के मद्देनजरयहां के जिला अस्पताल का एक प्रमुख ऑपरेशन थिएटर (ओटी) आपातकालीन स्थिति के लिए रिजर्व कर दिया गया। ठीक इसी दौरान एक दूसरे ओटी की एनेस्थीसिया मशीन खराब हो गई, जिससे इस ओटी को भी बंद रखना पडा। ऐसे में कई दिनों से अपनी सर्जरी का इंतजार कर रहे 13 आम मरीजों की सर्जरी टालना पड़ी और उन्‍हें बगैर इलाज के ही घर लौटना पडा।

आपातकाल के लिए रिजर्व की ओटी : बता दें कि सतना अस्पताल प्रशासन के मुताबिक जिला अस्पताल में कुल छह प्रमुख ऑपरेशन थिएटर हैं, जिनमें दो मेजर ओटी शामिल हैं, पिछले कुछ महीनों से मेटरनिटी विंग के लेबर ओटी की एनेस्थीसिया मशीन खराब पड़ी है। इसलिए एक मेजर ओटी की मशीन भी वहां लगाई गई थी। नतीजतन सर्जरी विभाग के पास केवल एक ही मेजर ओटी बची थी, लेकिन गुरुवार को प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के चित्रकूट आगमन के मद्देनजर उस ओटी को आपातकालीन स्थिति के लिए रिजर्व कर दिया गया। इससे सर्जरी विभाग के डॉक्टरों के पास ऑपरेशन करने के लिए कोई भी ओटी उपलब्ध नहीं रही।

बगैर ऑपरेशन के लौटे मरीज : ओटी उपलब्‍ध नहीं होने की वजह से कई मरीजों को बगैर ऑपरेशन के ही लौटना पडा। जिन मरीजों की सर्जरी स्थगित हुई, वे हर्निया, अपेंडिक्स और पित्ताशय जैसी सामान्य सर्जरी के लिए 10 से 15 दिनों से भर्ती थे। तय तारीख पर सर्जरी टल जाने से मरीजों और उनके परिजनों में नाराज़गी है। कई परिजनों ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अस्पताल प्रशासन वीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था में इतना उलझा है कि आम मरीजों का इलाज हफ्तों तक अटक जाता है। अब इन मरीजों को नई तारीख का इंतजार करना होगा, ताकि इनकी सर्जरी हो सके।

एचओडी ने बताई वजह क्‍यों हुए ऐसा : बता दें कि जब मामला मीडिया की जानकारी में आया तो इसे लेकर सफाई दी गई है। शासकीय मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. अनुराग जैन ने इस स्थिति को लेकर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला को एक रिपोर्ट सौंपी है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि एनेस्थीसिया मशीन की खराबी और वीआईपी मूवमेंट के कारण सर्जरी विभाग के सभी ऑपरेशन स्थगित करने पड़े। साथ ही उन्होंने मशीन की तत्काल मरम्मत और वैकल्पिक ओटी व्यवस्था करने की मांग की है। सफाई चाहे कुछ भी हो, इस घटना से यह तो साफ हो गया कि चुनाव में तमाम सेवाएं और सुविधाएं देने का वादा करने वाले नेता ही कई बार आम लोगों के अधिकार छीन लेते हैं।
Edited By: Navin Rangiyal