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कांग्रेस में गुरु और चेला में जुबानी जंग, दिग्विजय सिंह ने जीतू पटवारी के मंच से दी हिदायत
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में क्या सब ठीक-ठाक चल रहा है। क्या दिग्विजय सिंह पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के कामकाज के तरीके से खुश नहीं है, यह सवाल फिर मध्यप्रदेश की राजनीति में फिर गर्मा गई है। इस बार दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी के बीच 'गुरु और चेला' वाले बयान ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति फिर गर्मा दी है।
पूरा मामला भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एसी विभाग की प्रदेश कार्यकारिणी और जिला अध्यक्षों की बैठक से जुड़ा है। इसी बैठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है कि जिसमें मंच से दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को हिदायत देते हुए कहा कि संगठन के स्वरूप पर ध्यान देने की आवश्यकता है। वाल्मीकि समाज और बसोड़ समाज का कोई सदस्य मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी में नहीं है। इसके आगे दिग्विजय सिंह आगे कहते है कि जीतू जी आप केसी वेणुगोपाल से कुछ भी लिखवाकर ला सकते हैं, हमें भरोसा है आप पर, जितने प्रिय आप केसी वेणुगोपाल के हो, पूरे देश में और कोई पीसीसी प्रेसिडेंट नहीं है।
इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में जो पकड़ जीतू पटवारी की है, वह हम लोगों की नहीं है। दिग्विजय सिंह जब मंच से यह बोल रहे थे तभी मंच पर मौजूद जीतू पटवारी ने दिग्विजय सिंह को जवाब देते हुए कहा कि चेला तो मैं आप का ही हूं, इस पर दिग्विजय ने कहा कि मेरे चेले हो, लेकिन गुरु रह गया गुड़ और चेला बन गया शक्कर।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच बयानबाजी हुई, जिससे कांग्रेस की अंदरूनी कलह एक बार फिर सबके सामने आ गई। ऐसा नहीं है कि दिग्विजय सिंह ने पहली बार जीतू पटवारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है, इससे पहले वह पीसीसी की बैठकों की सूचना नहीं मिलने के साथ संगठन के कामकाज पर सवालिया निशाना उठा चुके है। वहीं अब एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी के बीच जुबानी जंग ने एक बार पार्टी के बड़े नेताओं के बीच मतभेद को उजागर कर दिया है। वहीं बड़े नेताओं के इस तरह के सार्वजनिक बयान पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े करते हैं।
