कमल हासन के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत, गोडसे को बताया था भारत का पहला हिन्दू आतंकवादी

Last Updated: सोमवार, 13 मई 2019 (23:25 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली के एक वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने सोमवार को मक्कल नीधि मैयाम के अध्यक्ष द्वारा चुनावी लाभ के लिए धर्म के कथित दुरुपयोग पर मुख्य चुनाव आयुक्त से लिखित कराई।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से उनके प्रचार पर कम से कम 5 दिनों के लिए प्रतिबंध लगाने, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने तथा उनकी पार्टी को डी-रजिस्टर करने के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह किया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को लिखे पत्र में उपाध्याय ने कहा कि आज मक्कल नीधि मैयाम के अध्यक्ष कमल हासन ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को स्वतंत्र भारत का पहला हिन्दू आतंकवादी बताया है।
उल्लेखनीय है कि रविवार रात तमिलनाडु में अरावाकुरिचि विधानसभा उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए हासन ने कहा था कि स्वतंत्र भारत का पहला आतंकवादी हिन्दू था, उसका नाम नाथूराम गोडसे है। वास्तव में आतंकवाद तभी से शुरू हुआ। चुनावी लाभ के लिए मुस्लिम बहुल इलाके में जान-बूझकर यह बयान दिया गया। यह धारा 123 (3) जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 के तहत एक भ्रष्ट आचरण है।
उपाध्याय ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के अनुसार कोई भी पार्टी या उम्मीदवार विभिन्न जाति, समुदाय के बीच वैमनस्य, घृणा और तनाव पैदा करने वाली किसी भी गतिविधि में लिप्त नहीं हो सकता है। इसी तरह वोट हासिल करने के लिए जाति या सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काकर कोई अपील नहीं की जा सकती। मस्जिद, चर्च, मंदिर तथा अन्य पूजा स्थलों पर चुनाव प्रचार की रोक है। हासन ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
उन्होंने कहा कि कमल हासन जान-बूझकर धर्म के आधार पर विभिन्न समुदायों के बीच शत्रुता बढ़ाने, सद्भाव और भाईचारा की भावना समाप्त करने का कार्य कर रहे हैं, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए के तहत अपराध है। पत्र में कहा गया है कि यह जान-बूझकर और दुर्भावना से किया कृत्य है। इससे लाखों हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। (वार्ता)

 

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