Hanuman Chalisa

क्या अंतरिक्ष में भी बनती है चीनी

शुक्रवार, 22 नवंबर 2019 (11:40 IST)
रिसर्चरों की एक टीम ने 3 धूमकेतुओं का परीक्षण करने के बाद उन पर जैविक चीनी की मौजूदगी के बारे में जानकारी दी है। अंतरिक्ष से आए धूमकेतुओं पर चीनी कहां से आई?
 
पृथ्वी के बाहर से आए नमूनों के परीक्षण के दौरान वैज्ञानिकों को राइबोज और चीनी के दूसरे कण मिल हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे संकेत मिल रहे हैं कि जैविक चीनी अंतरिक्ष में बनी होगी। जिन नमूनों का परीक्षण किया गया है, उनमें अमीनो एसिड और दूसरे जैविक मूलभूत कण मिले हैं।
ALSO READ: Chandrayaan-2 के बाद ISRO की नई लांचिंग, अंतरिक्ष से दुश्मनों पर रहेंगी निगाहें
रिसर्च करने वाली टीम का कहना है कि पृथ्वी पर इन कणों के आने से शुरुआती जैविक पॉलीमरों के निर्माण में मदद मिली होगी। इस रिसर्च के बारे में प्रॉसिडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (पीएनएएस) में रिपोर्ट छपी है।
 
जापान की तोहोकू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर योशिहिरो फुरुकावा और उनके सहकर्मियों ने यह रिसर्च की है। इन लोगों ने कणों से बने 3 कार्बनमय धूमकेतुओं का अध्ययन किया। इनमें मुर्चिसन धूमकेतु भी है, जो ऑस्ट्रेलिया में आकर गिरा था।
 
राइबोज आरएनए यानी राइबोन्यूक्लिक एसिड में मौजूद बुनियादी घटकों में से एक है, जो सभी जीवित कोशिकाओं में पाया जाता है। जैविक रूप से अहम चीनी के दूसरे कणों के साथ धूमकेतुओं पर राइबोज के कण का भी पता चला है। इनके आइसोटोप का विश्लेषण करने से पता चलता है कि चीनी के ये कण पृथ्वी के बाहर ही बने हैं। पीएनएएस का कहना है कि धूमकेतुओं के पृथ्वी पर आने की वजह से ये वहां नहीं पहुंचे हैं।
 
पीएनएएस ने कहा है कि प्रयोगशाला में प्रायोगिक सिम्युलेशन का इस्तेमाल कर अंतरिक्ष की उन परिस्थितियों का आकलन करने के दौरान वैज्ञानिकों ने नतीजा निकाला कि इस तरह की चीनी के कणों के पीछे वजह फॉर्मोज प्रतिक्रिया है। फॉर्मोज प्रतिक्रिया में एल्डिहाइड और फिर इससे चीनी बनती है।
 
इस खनिज की संरचना से पता चलता है कि चीनी का निर्माण या तो क्षुद्र ग्रहों के बनने के दौरान या फिर उसके तुरंत बाद ही हो गया था जिनसे इन धूमकेतुओं का निर्माण हुआ। 50 साल से ज्यादा पहले भी रिसर्चरों ने ग्लूकोज और अराबिनोज जैसे जैविक चीनी के कणों को कार्बनमय धूमकेतुओं में खोजा था लेकिन यह साबित नहीं हो सका कि वे वास्तव में पृथ्वी के बाहर के थे या नहीं? 
 
एनआर/एमजे (डीपीए)

Show comments

सभी देखें

क्या मस्क बनेंगे दुनिया के पहले खरबपति?

भारत में अब भी कैसे जारी है हर दिन 16 महिलाओं की दहेज हत्या?

नार्वे में पत्रकारिता या पब्लिसिटी स्टंट?

बंगाल में राजनीतिक हिंसा रोकना भाजपा सरकार की सबसे बड़ी चुनौती

ईरान युद्ध: कितनी असरदार है भारत की बहु-पक्षीय रणनीति?

सभी देखें

क्‍या अनशन खत्‍म करेंगे सोनम वांगचुक, अस्पताल में ही चलेगा इलाज, अनशन को लेकर क्‍या बोली पत्‍नी?

उत्तर प्रदेश में चंद महीनों में रिकॉर्ड आवेदन, 14 हजार से ज्यादा ओबीसी बेटियों को मिला शादी अनुदान का लाभ

इमरान खान की बहन के बयान से मचा बवाल, साइबर एजेंसी ने भेजा समन, मामले का 'ऑपरेशन सिंदूर' से क्‍या है कनेक्‍शन?

अगला लेख