शार्दुल ठाकुर का खुलासा, पांचवें टेस्ट से पहले पूरी टीम इस कारण डरी हुई थी

Last Updated: शुक्रवार, 17 सितम्बर 2021 (19:37 IST)
नई दिल्ली: भारतीय तेज गेंदबाज ने कहा है कि सहायक फिजियो के पाए जाने के बाद पूरी टीम संक्रमित होने के ख़्याल को लेकर काफ़ी भयभीत थी। ठाकुर ने कहा कि फ़ीजियो लगभग सभी खिलाड़ियों के साथ संपर्क में थे और जब वह पॉज़िटिव पाए गए तो पूरी टीम में भय का माहौल था।

ठाकुर ने एक अंग्रेजी समाचारपत्र से कहा, "हम इस बात से चिंतित थे कि क्या होगा, कौन संक्रमित होगा? क्योंकि परमार ने सभी का इलाज किया था। हमें नहीं पता था कि चीजें आगे कैसे बढ़ेंगी क्योंकि इस संक्रमण को ट्रैक करना असंभव के करीब है। अगले चार-पांच दिन हमारे लिए असुरक्षित था क्योंकि डर था कि यह मेरे साथ भी हो सकता है या यह किसी को भी हो सकता है। हर कोई अपने और अपने परिवार के बारे में चिंतित था।"

भारत टीम के बायो बबल में कोविड 19 के प्रकोप के मद्देनज़र मैनचेस्टर में पांचवां और अंतिम टेस्ट अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया था। 10 सितंबर को निर्धारित टॉस के समय से कुछ घंटे पहले ख़बर आई थी कि परमार का कोविड 19 टेस्ट सकारात्मक आया है।

चौथे टेस्ट के बाद परमार को ज़्यादा काम करना पड़ रहा था क्योंकि द ओवल में भारत के मुख्य कोच रवि शास्त्री के करीबी संपर्क के रूप में पहचाने जाने के बाद टीम के प्रमुख फिजियो नितिन पटेल आइसोलेशन में थे। वहीं गेंदबाज़ी कोच भरत अरुण, क्षेत्ररक्षण कोच आर श्रीधर भी उस समय पर कोविड पॉज़िटिव पाए गए थे।

पांचवें टेस्ट के स्थगित होने से पहले ठाकुर गेंद और बल्ले के साथ शानदार प्रदर्शन कर रहे थे और भारतीय टीम श्रृंखला में 2-1 से आगे थी। ओवल में ठाकुर की दो अर्धशतकीय पारियों के चलते भारत उस मैच को 157 रनों से जीतने में कामयाब रहा था।

शार्दुल दोनों पारियों में अर्धशतकों की बदौलत 59 स्थानों की लंबी छलांग के साथ बल्लेबाजों की सूची में 79वें पायदान पर पहुंच गए हैं। 29 वर्षीय शार्दुल को गेंदबाजी रैंकिंग में भी सात स्थानों का फायदा हुआ है। मैच में चार विकेट लेने के बाद वह गेंदबाजाें की सूची में 49वें नंबर पर आ गए हैं।

साल में दूसरी बार चूका मैन ऑफ द मैच का अवार्ड

ओवल में एक समय पहली पारी में भारत 129-7 विकेट गंवा चुका था। वहां से टीम को शार्दुल ठाकुर ने अपनी बल्लेबाजी के दम पर 191 रनों तक पहुंचाया।

सिर्फ पहली पारी में ही नहीं दूसरी पारी में जब भारत को उनकी बल्लेबाजी की जरुरत पड़ी तो उन्होंने 60 रन बनाए। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने पहली पारी में 1 और दूसरी पारी में 2 विकेट लिए।

इस प्रदर्शन के बावजूद भी दूसरी पारी में शतक जड़ चुके रोहित शर्मा को मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार मिला।

दिलचस्प बात यह है कि जिस टेस्ट में शार्दुल को मैन ऑफ द मैच मिलने की आशा रही वह सीरीज का चौथा मैच ही था।

ब्रिस्बेन के गाबा में खेला गया चौथा टेस्ट जिसमें शार्दुल ठाकुर ने 67 रनों की पारी खेल और वॉशिंगटन सुंदर के साथ शतकीय साझेदारी कर भारत को मैच में वापस लाया था।

सिर्फ बल्ले से ही नहीं शार्दुल ठाकुर ने गेंद से भी इस टेस्ट में कमाल किया था और 7 विकेट चटकाए थे।लेकिन अंत में भारत की जीत पर मुहर लगाने वाले ऋषभ पंत को मैन ऑफ द मैच का अवार्ड मिला था।




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