sundarkand

बाल गीत : असली फूल दिखाओ

Updated: मंगलवार, 3 नवंबर 2020 (13:21 IST)
मां गुड़हल का फूल कहां है,
लाकर मुझे दिखाओ।
चित्रों वाले फूल दिखाकर,
मुझको न बहलाओ।
हमनें बस गेंदा गुलाब के,
देखे फूल असल के।
बाकी तो पुस्तक में देखे,
झूठे और नकल के।
चंपा और चमेली के कुछ,
फूल कहीं से लाओ।
सदा सुहागन, बारह मासी,
नाम सुने हैं मैंने।
आक, धतूरे के, सुनते हैं,
होते फूल सलोने।
किसी गांव में चलकर इनकी,
सुन्दर छबि दिखाओ।
कहते हैं पीला कनेर भी,
होता लोक लुभावन।
पारिजत और फूल ढाक के,
देखूं करता है मन।
इनका कहां ठिकाना है मां,
रास्ता तो बतलाओ।

ALSO READ: bal geet : हाथ पैर बन जाते पंख

(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)
लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

रोजाना अपनाएं ये 10 जादुई आदतें, बीमारियों से रहेंगे कोसों दूर और चेहरे पर आएगा गजब का ग्लो

डॉ अंजना चक्रपाणि मिश्र की दो नवीन कृतियों 'मन अनहद नाद' और 'अनकहे से संवाद' का भव्य विमोचन

राष्ट्र निर्माता शिक्षक का सम्मान एक ही दिन क्यों?

बच्चों के मन को सबल और एकाग्र करने का आनापान ध्यान शिविर

जन नेता कामरेड होमी एफ दाजी - शताब्दी पर जयजगत!

अगला लेख