Hanuman Chalisa
✕

मजेदार बाल कविता: हर मौसम भरपूर जिया है

Updated: शनिवार, 27 मई 2023 (12:17 IST)
करते तो हैं बातें दादा,
अच्छी खासम खास।
लेकिन अम्मा मुझे नहीं है,
बिल्कुल भी विश्वास।
 
वे कहते हैं दिन-दिन भर वे,
टंगे पेड़ पर रहते थे।
किसी डाल पर बैठ मजे से,
पुस्तक पढ़ते रहते थे।
उनकी बहन वहीं पढ़ती थीं,
बैठी उनके पास।
 
आम्र वृक्ष की सबसे ऊंची,
वे टुलंग तक चढ़ जाते।
पके आम के कान खींचने,
हाथ लपककर बढ़ जाते।
पलक झपकते बनता उनका,
पका आम वह दास।
 
एक पेड़ से पेड़ दूसरे,
कूद-फाद करते हर दिन।
इमली आम बरगदों के फल,
तोड़-तोड़ रखते गिन-गिन।
झोली में दिन भर भरते थे,
हंसी, खुशी, उल्लास।
 
वे कहते हैं, छिवा-छिवौ-अल,
पेड़ों पर खेलें हैं खूब।
उतरे चढ़े धूप के जैसे
डाली पर लूमे हैं खूब।
हर मौसम भरपूर जिया है,
ग्रीष्म, ठण्ड, मधुमास।

(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)

ALSO READ: बाल गीत : उठ जाओ अब मेरे लल्ला

ALSO READ: बाल कविता : सूरज अविरल जाग रहा
लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

सबके लिए समय है... फिर अपने सपनों के लिए क्यों नहीं?

कब मनाया जाएगा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस? जानें कब हुई इसकी शुरुआत और क्‍या है उद्देश्‍य?

Maharaja Agrasen Jayanti: कौन थे महाराजा अग्रसेन? 5000 साल पहले दी थी ऐसी न्यायनीति, जानकर रह जाएंगे हैरान

World Sight Day: क्‍यों मनाते हैं विश्व दृष्टि दिवस? जानिए इसका महत्‍व और इतिहास

क्यों मनाया जाता है भारतीय वायुसेना दिवस? जानें दुनिया की चौथी सबसे बड़ी ताकत का इतिहास

अगला लेख