बाल साहित्य : कचरा फेंको, कचरा घर में


Author प्रभुदयाल श्रीवास्तव|
झाड़ू रोज लगाते घर में,  
साफ-सफाई कराते घर में।   
 
> किंतु कचरा वहीं इकट्‍ठा,
> भरकर सब रखवाते घर में।   
फेंक सड़क पर फिर आते हैं,

नजर बचाकर भर दोपहर में। 

उनको कोई बताओ जाकर,

कचरा फेंको में। 



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