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कहां जन्मे थे संकटमोचन हनुमान जी, जानिए जन्मस्थान के 4 रहस्य

शुक्रवार,जनवरी 22, 2021
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शनिवार का दिन भगवान बजरंगबली को समर्पित है। इस दिन इन 5 मंत्रों से किया जा सकता है पवनपुत्र को प्रसन्न....
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आइए जानते हैं कि हर दिन के अनुसार बजरंबली का भोग क्या है?
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हर देवी या देवता किसी न किसी की सवारी करने के बाद ही गमन करते हैं, जैसे लक्ष्मीजी उल्लू पर, विष्णुजी गरुढ़ पर, माता दुर्गा शेर पर और इसी तरह सभी देवी देवताओं के पास अपनी अपनी सवारी है परंतु क्या आप जानते हैं कि हनुमानजी के पास कितने प्रकार के अस्त्र ...
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कहते हैं कि सभी देवी और देवताओं पर भगवान शनिदेव ने अपनी वक्र दृष्टि डालकर उनका कुछ न कुछ बुरा किया है परंतु वे हनुमानजी के समक्ष बेबस हो गए थे और दूसरी ओर यह भी कहा जाता है कि जो हनुमानजी का परमभक्त होता है उस पर शनिदेव की वक्र दृष्टि का असर तो होता ...
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श्रीरामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीरामचरित मानस लिखने से पहले हनुमान चालीसा लिखी थी और फिर हनुमान की कृपा से ही वे श्रीरामचरित मानस लिख पाए। कहते हैं कि तुलसीदासजी ने ही बजरंग बाण भी लिखा था। आओ जानते हैं कि बजरंग बाण का पाठ क्यों ...
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बहुत से व्यक्ति अपने कार्य या व्यवहार से लोगों को रुष्ट कर देते हैं, इससे उनके शत्रु बढ़ जाते हैं। कुछ लोगों को स्पष्ट बोलने की आदत होती है जिसके कारण उनके
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मंगलवार के दिन किसी भी हनुमान मंदिर में यथासंभव पूजन करें तथा नैवेद्य लगाएं। घर पर हनुमानजी का कोई भी चित्र लाल कपड़े पर रखकर पूजन करें।
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कैसा भी बड़ा और भीषण संकट हो संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ अत्यंत प्रभावकारी है।
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अंजनीपुत्र हनुमानजी एक कुशल प्रबंधन थे। ज्ञान, बुद्धि, विद्या और बल के साथ ही उनमें विनम्रता भी अपार थी। सही समय पर सही कार्य करना और कार्य को अंजाम तक पहुंचाने का उनमें चमत्कारिक गुण था। आओ जानते हैं कि किस तरह उनमें कार्य का संपादन करने की अद्भुत ...
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जयंती अर्थात जिस दिन उनका जन्म हुआ था। हनुमान जयंती वर्ष में दो बार मनाई जाती है। पहली हिन्‍दू कैलेंडर के अनुसार चैत्र शुक्‍ल पूर्णिमा को और दूसरी कार्तिक कृष्‍ण चतुर्दशी को। इसके अलावा तमिलानाडु और केरल में हनुमान जयंती मार्गशीर्ष माह की अमावस्या ...
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हनुमानजी बहुत ही जागृत देव हैं और वे सभी युगों में साक्षात विद्यमान हैं। वे बहुत ही जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं। उनकी कृपा आप पर निरंतर बनी रहे। आओ जानते हैं कि किन बातों और संकेतों से पता चलेगा कि रामदूत हनुमानजी की हम पर कृपा है या वह हमसे ...
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शनिवार के दिन हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय करें तो कुछ ही समय में किस्मत चमक सकती है। ये खास उपाय आपकी हर मनोकामना पूरी कर सकते हैं और सभी कष्टों का निवारण कर सकते हैं।
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हिंदू धर्म में हनुमान चालीसा का बड़ा ही महत्व है। इस चालीसा को पढ़ते रहने से व्यक्ति के मन में साहस, आत्मविश्वास और पराक्रम का संचार होता है। इसके कारण ही वह संसार पर विजय प्राप्त कर लेता है।
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सभी देवताओं ने हनुमानजी को वरदान दिए। इन वरदानों से ही हनुमानजी परम शक्तिशाली बन गए। आइए जानते हैं 8 शुभ वरदान कौन से हैं...
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श्री हनुमान अद्भुत शक्तियों व गुणों के स्वामी हैं। बजरंगबली का यह शुभ मंत्र, साल भर स्वस्थ, प्रसन्न और संपन्न रखता है।
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लॉकडाउन के चलते वर्तमान समय में लोगों के मन में शंका, भय, निराशा, अनिश्‍चितता, क्रोध और कई तरह की मानसिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। चिकित्सा विज्ञान कहता है कि भय और क्रोध हमारे इम्यून सिस्टम को प्रभावित करता है। इम्यून सिस्टम का संतुलन बिगड़ने से ...
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त्रैतायुग में हनुमानजी और जाववंतजी को प्रभु श्रीराम ने चिरंजीवी रहने का वरदान दिया था और कहा था कि मैं द्वापर युग में तुमसे मिलूंगा। प्रभु श्रीराम कृष्ण रूप में उनसे मिले भी थे। कहते हैं कि हनुमानजी को एक कल्प तक इस धरती पर रहने का वरदान मिला है। एक ...
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ऐसा कहा जाता है कि हनुमानजी और शनिदेव एक ही काल में हुए थे। शनिदेव सूर्यपुत्र थे तो हनुमानजी पवनपुत्र थे। आओ जानते हैं हनुमानजी से जुड़े शनिदेव के 5 रोचक किस्से।
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हनुमानजी की माता का नाम अंजना है, जो अपने पूर्व जन्म में एक अप्सरा थीं। हनुमानजी के पिता का नाम केसरी है, जो वानर जाति के थे। माता-पिता के कारण हनुमानजी को आंजनेय और केसरीनंदन कहा जाता है। केसरीजी को कपिराज कहा जाता था, क्योंकि वे वानरों की कपि नाम ...
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