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ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगलवार आज, हनुमानजी की कृपा बरसेगी, आजमाएं 5 अचूक उपाय

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 3 जून 2024 (19:26 IST)
Bada Mangal 2024: 4 जून 2024 को आज ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल है। आज के दिन भगवान हनुमान जी से जो कुछ भी मांगा जाए वह उसे अवश्य पूरा करते हैं। ज्येष्ठ मास के इस मंगलवार को हनुमान जी को अमरत्व का वरदान मिला था, इसी कारण ज्येष्ठ के मंगल को बड़ा मंगल और बूढ़वा मंगल कहते हैं। ज्येष्ठ मास में आने वाले हर मंगलवार को बहुत ही शुभ माना जाता है उनमें भी पहले आने वाले मंगलवार को विशेष मान कर पूजा-अर्चना की जाती है। वैसे तो पूरे ज्येष्ठ मास में हनुमान मंदिर सजे रहते हैं और हर मंगलवार को जगह-जगह पर भंडारे लगते हैं पर बड़ा मंगलवार की बात खास है। 
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बड़ा मंगल के दिन करें ये 5 उपाय- 
 
1. चोला चढ़ाएं : नरक चतुर्दशी पर प्रदोष काल में या रात्रि में हनुमानजी को सिंदूर और चौला चढ़ाएं। चोला चढ़ाते रहने से व्यक्ति के जीवन में किसी भी प्रकार का संकट नहीं आता है। और अगर कोई संकट है तो वह मिट जाता है। जो व्यक्ति चोला चढ़ाता रहता है उसके जीवन में भूत-पिशाच, शनि और ग्रह बाधा, रोग और शोक, कोर्ट-कचहरी-जेल बंधन, मारण-सम्मोहन-उच्चाटन, घटना-दुर्घटना, कर्ज, तनाव या चिंता जैसे किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं रहती है।
 
2. पान का बीड़ा : आपने सुनी होगी एक प्रचलित लोकोक्ति 'बीड़ा उठाना'। इसका अर्थ होता है- कोई महत्वपूर्ण या जोखिमभरा काम करने का उत्तरदायित्व अपने ऊपर लेना। यदि आपके जीवन में कोई घोर संकट है या ऐसा काम है जिसे करना आपके बस का नहीं है, तो आप अपनी जिम्मेदारी हनुमानजी को सौंप दें। इसके लिए आप इस दिन किसी मंदिर में पूजा-पाठ करने के बाद उन्हें पान का बीड़ा अर्पित करें। रसीला बनारसी पान चढ़ाकर मांग लीजिए मनचाहा वरदान। हनुमानजी को लौंग, इलायची और सुपारी भी पसंद है। शनिवार के दिन लौंग, सुपारी और इलायची चढ़ाने से शनि का कष्ट दूर हो जाता है। कच्ची घानी के तेल के दीपक में लौंग डालकर हनुमानजी की आरती करें, संकट दूर होगा और धन भी प्राप्त होगा।
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3. आटे का दीपक : यदि आप कर्ज में डूबे हैं तो नरक चतुर्दशी का यह दिन इससे मुक्ति का खास दिन है। आप आटे के बने दीपक में चमेली का तेल डालकर उसे बरगद के पत्ते पर रखकर हनुमान मंदिर में उनकी मूर्ति के समक्ष जलाएं। ऐसे 5 पत्तों पर 5 दीपक रखें और उसे ले जाकर हनुमानजी के मंदिर में रख दें। ऐसा करने से कर्ज से मुक्ति के साथ ही हनुमानजी को आटे के दीपक लगाने से शनि की बाधा भी दूर हो जाती है।
 
4. ध्वज चढ़ाना : हनुमानजी को यूं तो लाल या केसरिया ध्वज या झंडा चढ़ाया जाता है किसी कार्य में सफलता प्राप्ति हेतु या युद्ध में विजय हेतु। हालांकि झंडा चढ़ाने वाले का मान-सम्मान बढ़ता जाता है और उसे हर कार्य में तरक्की मिलती है। यह झंडा त्रिकोणीय होना चाहिए और उस पर 'राम' लिखा होना चाहिए। इससे हर तरह की संपत्ति संबंधी समस्याएं भी दूर होती हैं। हनुमान मंदिर में ध्वजा दान करने पर सर्व कामनाएं पूर्ण होती हैं।
 
5. राम नाम चढ़ाएं : हनुमानजी को 'राम' का नाम बहुत प्रिय है। भगवान श्रीराम की पूजा करने से हनुमानजी बहुत प्रसन्न होते हैं। पीपल के पत्ते पर चमेली के तेल और सिन्दूर से 'राम' नाम लिखें और इसे हनुमानजी को चढ़ाएं। यह कार्य करने से सभी तरह की समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। यह भी कर सकते हैं- पीपल के 11 पत्तों पर चंदन या कुमकुम से श्रीराम का नाम लिखें। इसके बाद इन पत्तों की माला बनाकर हनुमानजी को चढ़ाएं।
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