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स्कूलों पर बर्फबारी का कहर, डोडा में छुट्‍टी, क्या है कुपवाड़ा का हाल?

बर्फबारी के चलते स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं छात्र और शिक्षक

Updated: गुरुवार, 22 फ़रवरी 2024 (16:06 IST)
Jammu Kashmir snowfall : कश्मीर में लगातार हो रही बर्फबारी की वजह से छात्र और शिक्षक स्कूलों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। हालांकि कई जिलों के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की चेतावनियों के चलते स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है।

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कुपवाड़ा के विभिन्न इलाकों में सरकार द्वारा संचालित दर्जनों स्कूल जमा बर्फ के कारण कटे हुए हैं। शिक्षकों के एक समूह का कहना था कि इस जिले के लगभग 250 सरकारी स्कूल जोन-5 के अंतर्गत आते हैं। इन क्षेत्रों को कठिन क्षेत्र भी कहा जाता है।
 
जबकि डोडा में मौसम विभाग द्वारा हिमस्खलन की चेतावनियों के उपरांत दुर्गम क्षेत्रों में स्कूलों को फिलहाल बंद ही रखने का निर्देश दिया गया है।
 
एक शिक्षक का कहना था कि जिले के कठिन क्षेत्रों के अधिकांश स्कूल वर्तमान में दुर्गम हैं। विशेष रूप से मच्छेल, केरन और टंगधार सेक्टरों में ऐसे अधिकांश सरकारी स्कूलों में चारों ओर कम से कम तीन फीट बर्फ है। वे कहते हैं कि मच्छेल क्षेत्र में, 2 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, एक उच्च विद्यालय और 6 से 7 माध्यमिक विद्यालय थे, लेकिन इनमें से अधिकांश स्कूल न्यूनतम 4 फीट बर्फ के नीचे थे।
 
इस बीच कुपवाड़ा जिले के एक अन्य शिक्षक का कहना था कि जिले के जुमगंड क्षेत्र में एक हाई स्कूल, दो मिडिल स्कूल और तीन प्राथमिक स्कूल हैं, लेकिन इन संस्थानों के लिए सड़कें अभी तक साफ नहीं की गई हैं। उन्होंने कहा कि कि इन स्कूलों तक कोई पहुंच नहीं है क्योंकि लगभग 5-6 फीट की जमी हुई बर्फ अभी भी साफ नहीं हुई है।
 
इसी तरह, जिले के बुडनम्बल क्षेत्र में, एक हाई स्कूल, चार मिडिल स्कूल और तीन प्राथमिक स्कूल कटे हुए हैं। अधिकारी कहते थे कि सड़क से बर्फ हटाने में कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा।

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जिले के केरन क्षेत्र में प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों सहित लगभग 15 से 20 सरकारी स्कूल हैं और स्कूलों तक जाने वाली सड़कों पर जमा बर्फ को साफ नहीं किया गया है। हरकिन टाप, जो इन स्कूलों तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता है, अभी भी बर्फ से ढका हुआ है। इसी तरह, साधना टाप क्षेत्रों से भी कई स्कूल जमा बर्फ के कारण पहुंच से बाहर हैं।
 
मुख्य शिक्षा अधिकारी कुपवाड़ा अब्दुल मजीद डार का कहना था कि जिले के कठिन क्षेत्रों में कुछ स्कूल हैं जो जमी हुई बर्फ के नीचे रहते हैं। उनका कहना था कि मुझे लगता है कि 2-3 दिनों में जिले के सभी स्कूल खुल जाएंगे।
 
उन्होंने कहा कि उन शिक्षकों के मामले में जो दुर्गम सड़कों के कारण आज स्कूल नहीं जा सके, उन्होंने पास के क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारियों (जेडईओ) और क्लस्टर कार्यालयों को सूचना दी। जमा हुई बर्फ के कारण टंगधार सेक्टर में बहुत कम स्कूल आज फिर से नहीं खोले जा सके। हालांकि उनका दावा था कि बाकी स्कूल सामान्य रूप से फिर से खुल गए।
Edited by : Nrapendra Gupta 
 
लेखक के बारे में
सुरेश एस डुग्गर
सुरेश डुग्गर वेबदुनिया के लिए जम्मू कश्मीर से समाचार संकलन के लिए अधिकृत हैं। वे तीन दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।.... और पढ़ें

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