Hanuman Chalisa

'लाइव फेस फोटो' से मिलेगी नई मोबाइल सिम, जानिए क्या है यह व्यवस्था

Updated: रविवार, 19 अगस्त 2018 (09:56 IST)
नई दिल्ली। दूरसंचार सेवा कंपनियों को मोबाइल सिम लेने वाले ग्राहकों के लिए अब 15 सितंबर से एक नए तरीके का इस्तेमाल करना पड़ेगा। मोबाइल ग्राहक अगर आधार के जरिए नई सिम लेते हैं तो फिर उन्हें अपने चेहरे का मिलान भी करवाना होगा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने व्यक्ति की पहचान के सत्यापन की एक अतिरिक्त विधि के अंतर्गत फोटो का चेहरे से मिलान करने सुविधा चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की घोषणा की है। यह सुविधा दूरसंचार कंपनियों के साथ 15 सितंबर को शुरू की जा रही है। 
 
यूआईडीएआई ने इससे पहले चेहरा पहचानने का फीचर 1 जुलाई से लागू करने की योजना बनाई थी। इसे बाद में बढ़ाकर 1 अगस्त कर दिया गया था। इसके तहत मोबाइल सिम कार्ड के लिए आवेदन के साथ लगाए गए फोटो को संबंधित व्यक्ति के आमने-सामने लिए गए फोटो से की जाएगी। 
 
यूआईडीएआई अगले महीने के मध्य से इस तय लक्ष्य को पूरा नहीं करने वाली दूरसंचार कंपनियों पर मौद्रिक जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव किया है। यूआईडीएआई ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों के अलावा अन्य सत्यापन एजेंसियां के लिए चेहरा पहचानने की सुविधा के क्रियान्वयन के बारे में निर्देश बाद में जारी किए जाएंगे। हालांकि प्राधिकरण ने इसके लिए कोई समय-सीमा नहीं दी है। 
 
यूआईडीएआई ने कहा है कि ‘लाइव फेस फोटो’ और ईकेवाईसी के दौरान निकाली गई तस्वीर का मिलान उन मामलों में जरूरी होगा, जिनमें मोबाइल सिम जारी करने के लिए आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है। यूआईडीएआई ने कहा कि यह कदम फिंगरप्रिंट में गड़बड़ी की संभावना रोकने या उसकी क्लोनिंग रोकने के लिए उठाया गया है। इससे मोबाइल सिम जारी करने और उसे एक्टिव करने की ऑडिट प्रक्रिया और सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा।
 
यूआईडीएआई के एक परिपत्र के अनुसार 15 सितंबर से दूरसंचार सेवा कंपनियों को महीने में कम से कम 10 प्रतिशत सत्यापन चेहरे का लाइव (सीधे) फोटो से मिलान करना अनिवार्य होगा। इस प्रकार का सत्यापन इससे कम अनुपात में हुआ तथा प्रति सत्यापन 20 पैसे का जुर्माना लगाया जाएगा।
 
इसी वर्ष जून में हैदराबाद के एक मोबाइल सिम कार्ड वितरक ने आधार ब्योरे में गड़बड़ी कर हजारों की संख्या में सिम एक्विटवेट किए थे। यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय भूषण पांडे ने कहा कि 'लाइव फेस फोटो को ईकेवाईसी फोटो से मिलाने का निर्देश सिर्फ उन्हीं मामलों जरूरी होगा जिनमें सिम जारी करने के लिए आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है। दूरसंचार विभाग के निर्देशानुसार यदि सिम आधार के अलावा किसी अन्य तरीके से जारी किया जाता है, तो ये निर्देश लागू नहीं होंगे। (भाषा)

Show comments

TVS, Bajaj, Ather, Ola, Vida की रिकॉर्ड बिक्री, लोगों की पसंद क्यों बन रहे हैं Electric Scooters

सबसे स्‍वच्‍छ शहर में समोसे में आलू नहीं, निकला कॉकरोच, लोग बोले यहां भी CJP

Electric Flying Car : पेट्रोल-डीजल नहीं, बिजली से उड़ने की तैयारी, पहाड़ की समस्या से आया आइडिया, छात्र ने किया चमत्कार, चीन के दावे को नकारा

Apple Foldable iPhone : इस साल आ सकता है Apple का पहला फोल्डेबल iPhone, 12GB RAM और 5800mAh बैटरी समेत मिल सकते हैं ये फीचर्स

'मक्का रक्षा समझौता 2026': पाक, सऊदी और तुर्की की नई घेराबंदी — क्या भारत-पाक युद्ध की स्थिति में बदलेगा युद्ध क्षेत्र?

सभी देखें

बलूचिस्तान में आजादी का जश्न, पाकिस्तानी प्रतीकों को हटाने का ऐलान, पाकिस्तानी सेना का कड़ा पहरा

इंदौर की TCS अधिकारी से रेप और ब्लैकमेलिंग, महेंद्र था और बाद में निकला शाहरुख

क्या बिना संसद में परिसीमन बिल पास हुए बदल जाएंगी लोकसभा की सीटें? जानिए संविधान का वो नियम जो कोई नहीं बताता

Independence Day 2026: आजादी के लिए लड़े ये 10 महान क्रांतिकारी, इनके बलिदान से मिली स्वतंत्रता

कौन बनेगा राम मंदिर ट्रस्ट का CEO? 5200 आवेदनों में से 18 शॉर्टलिस्ट

अगला लेख