कैसे IPL 2021 के कारण पाकिस्तान की झोली में आ गिरी वनडे सीरीज

Last Updated: गुरुवार, 8 अप्रैल 2021 (11:42 IST)
वैसे तो पाकिस्तानी क्रिकेटर्स को आईपीएल में खेलने की अनुमति नहीं है लेकिन फिलहाल क्रिकेटरो को आईपीएल का शुक्रगुजार होना चाहिए,जिन्होंने तीसरे और फाइनल मैच में विपक्षी टीम दक्षिण अफ्रीका की ताकत आधी कर दी और मैच से पहले उनको मनौवैज्ञानिक फायदा मिल गया।
गौरतलब है कि दक्षिण अफ्रीका के 5 अनुभवी खिलाड़ियों क्विंटन डी कॉक, डेविड मिलर, कैगिसो रबादा, लुंगी एनगिदी और एनरिच नोर्त्जे के आगामी नौ अप्रैल से शुरू हो रहे सत्र के लिए अपनी-अपनी टीमों के साथ जुड़ने से पाकिस्तान के साथ घरेलू वनडे सीरीज के फाइनल से पहले दक्षिण अफ्रीका की स्थिति कमजोर हो गई।
दूसरे वनडे में इन पांचों खिलाड़ियों के प्रदर्शन की बदौलत ही दक्षिण अफ्रीका ने पाकिस्तान को 17 रन से हरा कर तीन मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी की थी, लेकिन आगाती 7 अप्रैल को तीसरे और आखिरी निर्णायक मैच में इन खिलाड़ियों की गैर मौजूदगी टीम के लिए नुकसानदायक साबित हुई। ऐसे अनुभवी खिलाड़ियों के टीम में न होने पर पाकिस्तान ने इसका भरपूर फायदा उठाया और अफ्रीका के पास जो भी खिलाड़ी उपलब्ध थे उस से मैच जीतने के लिए कड़ी मशक्कत की लेकिन अंत में पाकिस्तान की जीत हुई।

इन 5 क्रिकेटरों की कमी दक्षिण अफ्रीका को खली और इनके स्थान पर दूसरे दर्जे के खिलाड़ी खिलाने पड़े जिनमें से कुछ का ही प्रदर्शन औसत से ज्यादा रहा।

डी कॉक (मुंबई इंडियन्स)
पहले वनडे में डी कॉक ने मात्र 18 गेंदो में 20 रन बनाए हों लेकिन दूसरे वनडे में डी कॉक ने 86 गेंदों पर 80 रनों की पारी खेल कर दक्षिण अफ्रीक को मजबूत शुरुआत दी थी।

(राजस्थान रॉयल्स)
डेविड मिलर ने दोनों ही वनडे में अर्धशतक जड़ा था पहले वनडे के 50 रन 56 गेंदो में आए थे जबिक दूसरे वनडे में उन्होंने 27 गेंदों पर 50 रन की विस्फोटक पारी खेली थी।

एनरिज नोर्त्जे (दिल्ली कैपिटल्स)
इस गेंदबाज के ना होने से पाक बल्लेबाजों के चहरे पर मुस्कान आयी। पहले दो वनडे मिलकार नोर्त्जे ने 7 विकेट झटके। पहले वनडे में नोर्त्जे ने 51 रन देकर 4 विकेट लिए थे और घरेलू टीम की मैच में वापसी करायी थी। वहीं दूसरे वनडे में 63 रन देकर 3 विकेट चटकाए थे।

कगीसो रबाड़ा (दिल्ली कैपिटल्स)
पहले वनडे में कगीसो रबाड़ा ने 51 रन देकर 1 विकेट लिया और दूसरे में 43 रन देकर भी 1 विकेट लिया लेकिन फाइनल में उनके जैसे गेंदबाज के अनुभव की कमी अफ्रीका को खली।

लूंगी एन्गीडी (चेन्नई सुपर किंग्स)
पहले वनडे में लूंगी एन्गीडी महंगे साबित हुए और 65 रन देकर एक भी विकेट नहीं निकाल पाए दूसरे वनडे में भी एन्गीडी ने
66 रन देकर 1 एक विकेट प्राप्त किया था। इन पांचो खिलाड़ियों में से इनकी ही कमी अफ्रीका को नहीं खली।

अगर यह 5 खिलाड़ी खिताबी मुकाबले में मौजूद होते तो नतीजा कुछ और होता। लेकिन आईपीएल में अपनी टीमों से जुड़ने के लिए इन खिलाड़ियों ने फाइनल मैच छोड़ा और पाकिस्तान को एक दंतहीन विपक्षी टीम फाइनल में मिली।

बहरहाल फखर जमान ने दूसरे मुकाबले में 193 रन की जबरदस्त पारी खेली थी लेकिन पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा था। फखर और इमाम उल हक़ के बीच पहले के बीच 112 रन की मजबूत साझेदारी हुई जबकि फखर और आजम ने दूसरे विकेट के लिए 94 रन जोड़े। फखर लगातार दूसरा शतक पूरा करने के बाद लेफ्ट आर्म स्पिनर केशव महराज की गेंद पर क्लासेन को कैच देकर आउट हुए। फखर ने 104 गेंदों पर 101 रन में नौ चौके और तीन छक्के लगाए।

आजम आखिर तक जमे रहे लेकिन अपने शतक से छह रन दूर रह गए। आजम ने 82 गेंदों पर 94 रन में सात चौके और तीन छक्के लगाए और वह सातवें बल्लेबाज के रूप में पारी की आखिरी गेंद पर आउट हुए। हसन अली ने मात्र 11 गेंदों पर एक चौका और चार छक्के उड़ाते हुए नाबाद 32 रन ठोके। पाकिस्तान की पारी 320 रन के मजबूत स्कोर पर जाकर थमी।

दक्षिण अफ्रीका ने इस मजबूत स्कोर का जमकर पीछा किया लेकिन अंत में लक्ष्य बड़ा साबित हुआ। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से जानेमन मलान ने 81 गेंदों पर 70 रन , काइल वेरिन ने 53 गेंदों पर 62 और आदिले फेहलुकवायो ने 61 गेंदों पर 56 रन बनाये। दक्षिण अफ्रीका 292 रन तक ही पहुंच पाया। बाबर आजम प्लेयर ऑफ द मैच बने जबकि फखर जमान को प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार मिला।



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