टीम प्रिव्यू: 5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियन्स की है बस एक कमजोरी

Last Updated: बुधवार, 7 अप्रैल 2021 (18:05 IST)
मुंबई:मजबूत बल्लेबाजी, अच्छे ‘पावर हिटर’ की मौजूदगी और मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण से पांच बार का चैंपियन मुंबई आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगा।
मुंबई का कमजोर पक्ष उसका स्पिन विभाग है जो उसकी खिताबी हैट्रिक की राह में परेशानी का सबब बन सकता है। रोहित शर्मा की अगुवाई वाली की टीम अपना पहला मैच नौ अप्रैल को चेन्नई में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के खिलाफ खेलेगी।

मुंबई इंडियन्स ने 2019 में खिताब जीतने के बाद 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण यूएई में खेले गये टूर्नामेंट में भी अपना परचम लहराया था। मुंबई ने पिछले कई वर्षों से अपने प्रमुख खिलाड़ियों को टीम में बनाये रखा है और उसके दबदबे का यह मुख्य कारण रहा है।
बल्लेबाजी मुंबई का मजबूत पक्ष है जिसमें कप्तान रोहित शर्मा और दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डिकॉक जैसे सलामी बल्लेबाज शामिल हैं। अगर आवश्यकता पड़ती है तो आस्ट्रेलिया के क्रिस लिन भी जिम्मेदारी संभालने के लिये तैयार रहेंगे।

अपने खेल में लगातार सुधार कर रहे सूर्यकुमार यादव और इशान किशन उसके तुरुप के इक्के हैं। इन दोनों ने हाल में भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। पंड्या बंधुओं आलराउंडर हार्दिक और क्रुणाल तथा वेस्टइंडीज के कीरेन पोलार्ड की मौजूदगी से उसका मध्यक्रम बेहद मजबूत दिखता है।

गेंदबाजी विभाग में उसके पास भारत के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह हैं। पिछले सत्र में न्यूजीलैंड के ट्रेंट बोल्ट ने पावरप्ले में विकेट लेने की अपनी क्षमता साबित की थी। ऑस्ट्रेलिया के नाथन कूल्टर नाइल भी उसके पास हैं जिससे मुंबई का तेज गेंदबाजी आक्रमण खतरनाक नजर आता है।
मुंबई का कमजोर पक्ष उसका स्पिन विभाग है जो उसकी खिताबी हैट्रिक की राह में परेशानी का सबब बन सकता है।रोहित शर्मा की अगुवाई वाली मुंबई इंडियन्स की टीम अपना पहला मैच नौ अप्रैल को चेन्नई में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के खिलाफ खेलेगी।
मुंबई इंडियन्स ने 2019 में खिताब जीतने के बाद 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण यूएई में खेले गये टूर्नामेंट में भी अपना परचम लहराया था।मुंबई ने पिछले कई वर्षों से अपने प्रमुख खिलाड़ियों को टीम में बनाये रखा है और उसके दबदबे का यह मुख्य कारण रहा है।

बल्लेबाजी मुंबई का मजबूत पक्ष है जिसमें कप्तान रोहित शर्मा और दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डिकॉक जैसे सलामी बल्लेबाज शामिल हैं। अगर आवश्यकता पड़ती है तो आस्ट्रेलिया के क्रिस लिन भी जिम्मेदारी संभालने के लिये तैयार रहेंगे।

अपने खेल में लगातार सुधार कर रहे सूर्यकुमार यादव और इशान किशन उसके तुरुप के इक्के हैं। इन दोनों ने हाल में भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। पंड्या बंधुओं आलराउंडर हार्दिक और क्रुणाल तथा वेस्टइंडीज के कीरेन पोलार्ड की मौजूदगी से उसका मध्यक्रम बेहद मजबूत दिखता है।

गेंदबाजी विभाग में उसके पास भारत के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह हैं। पिछले सत्र में न्यूजीलैंड के ट्रेंट बोल्ट ने पावरप्ले में विकेट लेने की अपनी क्षमता साबित की थी। आस्ट्रेलिया के नाथन कूल्टर नाइल भी उसके पास हैं जिससे मुंबई का तेज गेंदबाजी आक्रमण खतरनाक नजर आता है।

मुंबई का कमजोर पक्ष उसका स्पिन विभाग है जो कि चेन्नई के चेपक स्टेडियम की पिच पर बेहद कारगर साबित होगा। मुंबई के पास विकेट हासिल करने वाला स्पिनर नहीं है और यह कमजोरी उसे भारी पड़ सकती है।

बायें हाथ का स्पिनर क्रुणाल पंड्या रनों पर अंकुश लगा सकता है लेकिन वह विकेट हासिल करने में माहिर नहीं हैं। ऐसे में स्पिन विभाग का जिम्मा युवा राहुल चहर के कंधों पर आ जाता है जिन्हें आईपीएल की देन माना जाता है।

ऑफ स्पिनर जयंत यादव ने पिछले सत्र में केवल दो मैच खेले थे और देखना है कि इस बार उन्हें कितने मैचों में मौका मिलता है। मुंबई ने अनुभवी पीयूष चावला को टीम से जोड़ा है लेकिन चहर और क्रुणाल की मौजूदगी में उन्हें अधिकतर मैचों में बाहर रहना पड़ सकता है।

चावला ने आईपीएल में 156 विकेट लिये हैं और वह इस टूर्नामेंट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों में तीसरे नंबर पर हैं।
मुंबई के पास मध्यक्रम में बिग हिटर हैं और यह टीम का मजबूत पक्ष है। विशेषकर चेन्नई और बेंगलुरू में लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्हें इससे काफी लाभ मिलेगा। इनमें पोलार्ड और पंड्या बंधु प्रमुख हैं। पोलार्ड गेंदबाजी में भी अपना योगदान दे सकते हैं तथा पांचवें या छठे गेंदबाज की भूमिका निभा सकते हैं।

मुंबई की टीम इस प्रकार है :

रोहित शर्मा (कप्तान), एडम मिल्ने, आदित्य तारे, अनमोलप्रीत सिंह, अनुकूल रॉय, अर्जुन तेंदुलकर, क्रिस लिन, धवल कुलकर्णी, हार्दिक पंड्या, इशान किशन (विकेट कीपर), जेम्स नीशाम, जसप्रीत बुमराह, जयंत यादव, कीरोन पोलार्ड, क्रुणाल पांड्या, मार्को जानसेन, मोहसिन खान, नाथन कूल्टर नाइल, पीयूष चावला, क्विंटन डिकॉक (विकेट कीपर), राहुल चहर, सौरभ तिवारी, सूर्यकुमार यादव, ट्रेंट बोल्ट, युधवीर सिंह।
मुख्य कोच : माहेला जयवर्धने।



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