पाकिस्तान में आटा संकट के बाद बिजली भी गुल, क्या है बिजली संकट की वजह?
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में सोमवार सुबह नेशनल ग्रिड डाउन होने की वजह से 117 ग्रिड स्टेशन ठप हो गए। फ्रीक्वेंसी में गड़बड़ी की वजह से देश का अधिकांश हिस्सा अंधेरे में डूब गया। इस्लामाबाद, लाहौर, कराची और रावलपिंडी से जैसे शहरों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। आटा संकट के बाद बिजली संकट ने आम पाकिस्तानी त्राहीमाम कर रहा है।
ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय ग्रिड में सोमवार को स्थानीय समयानुसार सुबह सात बजकर 34 मिनट पर खराबी आ गई, जिससे बत्ती गुल हो गई। ऐसा पहली बार नहीं है जब देश में इस तरह का संकट पैदा हुआ है। 4 माह पहले अक्टूबर 2022 में भी पाकिस्तान में बिजली वितरण प्रणाली में तकनीकी खामी के कारण 12 घंटे बत्ती गुल रही थी।
बिजली संकट के पीछे खराब अर्थव्यवस्था : पाकिस्तान पर करीब 290 बिलियन डॉलर का कर्ज है। उसका विदेशी मुद्रा भंडार भी तेजी से कम हो रहा है। बताया जा रहा है कि देश के बिजली क्षेत्र की दयनीय स्थिति इसकी खस्ताहाल अर्थव्यवस्था का परिणाम है।
ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने बिजली प्रणाली में खराबी आने के बारे में कहा कि प्राधिकारियों ने ईंधन की लागत बचाने के लिए सर्दियों में कम मांग के कारण रात में बिजली उत्पादन प्रणाली बंद कर दी थी। सुबह जब प्रणाली चालू की गई तो दादू और जमशोरो के बीच कहीं फ्रीक्वेंसी तथा वोल्टेज में उतार-चढ़ाव देखा गया। इससे बिजली उत्पादन प्रणाली बंद हो गई।
पानी के लिए तरसे लोग : करीब 23 लाख से अधिक आबादी वाले कराची शहर में कुछ लोगों को पीने का पानी नहीं मिला क्योंकि पानी के पंप बिजली से चलते हैं। कराची ही नहीं पाकिस्तान के अधिकांश शहरों में लोग पानी के लिए परेशान दिखाई दिए। मोबाइल, कंप्यूटर समेत सभी इलेक्ट्रानिक डवाइसों ने भी बिजली के अभाव में काम करना बंद कर दिया।No power at office since yesterday. At home power resumed for couple of hours at night but then off again. @KElectricPk #poweroutage
— Farid Siddique (@Fro86) January 24, 2023
बिजली पर महंगाई की मार : पाकिस्तान में बिजली पर जमकर महंगाई की मार पड़ रही है। यह आम आदमी के बजट से बाहर होती दिखाई पड़ रही है। लोगों को 1 युनिट बिजली के लिए 43 रुपए चुकाना पड़ रहे हैं। व्यक्ति को एक बल्ब जलाने के लिए भी 100 बार सोचना पड़ राह है। सरकार भी बिजली कंपनियों को घाटे की भरपाई के लिए 18 रुपए यूनिट की दर से सब्सिडी दे रही है। हालांकि यहां आटे से लेकर रसोई गैस तक कई अन्य वस्तुओं के दाम भी आसमान पर है। आटा 150 रुपए किलो है तो रसोई गैस सिलेंडर के लिए 10000 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं।
अमेरिका मदद के लिए तैयार : अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि कि उनका देश पाकिस्तान के बिजली संकट को खत्म करने में मदद देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, 'बेशक, हमने देखा है कि पाकिस्तान में क्या हुआ है। बिजली गुल रहने से प्रभावित हुए सभी लोगों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। जाहिर तौर पर अमेरिका ने कई चुनौतियों में हमारे पाकिस्तानी साझेदारों की मदद की है।
उन्होंने कहा कि हम इस मामले में भी सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन मुझे अभी तक कोई खास अनुरोध मिलने की जानकारी नहीं है।
Edited by : Nrapendra Gupta
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