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पत्रकार जमाल खशोगी हत्याकांड में तुर्की के पास और सबूत हैं

Updated: शुक्रवार, 16 नवंबर 2018 (22:01 IST)
इस्तांबुल। तुर्की के एक अखबार ने शुक्रवार को कहा कि देश के पास पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या को लेकर सऊदी अरब की कहानी का खंडन करने वाले और सबूत हैं जिसमें दूसरी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी शामिल है। 'हुर्रियत' अखबार ने कहा कि यह दूसरी वॉयस रिकॉर्डिंग 15 मिनट की बताई जा रही है जिसमें साफतौर पर यह पता चलता है कि 'वॉशिंगटन पोस्ट' के स्तंभकार की हत्या पूर्व नियोजित थी।
 
 
यह सऊदी अरब के अभियोजक के बयान के विपरीत है जिसमें उन्होंने गुरुवार को कहा था कि खशोगी की हत्या करने के आरोपों पर सऊदी अरब के 5 अधिकारियों को मौत की सजा दी गई लेकिन साथ ही देश के शक्तिशाली वली अहद (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान की हत्या में संलिप्तता खारिज की।
 
सऊदी अरब के वली अहद के आलोचक रहे 59 वर्षीय खशोगी की 2 अक्टूबर को इस्तांबुल में सऊदी अरब के दूतावास में हत्या कर दी गई तथा उनके शव के टुकड़े कर दिए गए थे। तुर्की ने कहा कि सऊदी अरब के एक दल ने यह हत्या की, जो इस मकसद से इस्तांबुल आया था।
 
'हुर्रियत' अखबार में सरकार समर्थक स्तंभकार अब्दुल कादिर सेल्वी ने दावा किया कि पहली 5 मिनट की रिकॉर्डिंग यह साबित करती है कि खशोगी का गला दबाया गया लेकिन दूसरे टेप में साफ पता चल रहा है कि हत्या की योजना पहले से ही बनाई गई थी।
 
उन्होंने दावा किया कि 15 मिनट का दूसरा टेप यह साबित करता है कि खशोगी के पहुंचने से पहले दूतावास में मौजूद हत्यारों का दल इस पर चर्चा कर रहा है कि कैसे हत्या की जाए? उन्होंने कहा कि तुर्की के पास इस बात के भी सबूत हैं कि टीम ने हत्या के बाद अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल किए थे। (भाषा)

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