ओबामा की यात्रा भारत के एक नए युग की शुरुआत

वॉशिंगटन| Last Updated: बुधवार, 28 जनवरी 2015 (10:30 IST)
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की हाल में संपन्न हुई यात्रा के बारे में एक प्रभावशाली यहूदी अमेरिकी संगठन ने कहा है कि ओबामा की यह यात्रा विश्व के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र के संबंधों को आगे बढ़ाने का तो महत्वपूर्ण कदम है ही, साथ ही इससे वैश्विक मामलों में भारत के लिए एक नए युग की भी शुरुआत होती है।
 
अमेरिकन ज्यूइश कमेटी (एजेसी) के जैसन इजाकसन ने मंगलवार को ओबामा की 3 दिवसीय भारत यात्रा संपन्न होने पर बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति ओबामा का दौरा भारत और अमेरिका के संबंधों में एक नए अध्याय और वैश्विक मामलों में भारत के लिए एक करता है। 
 
एक बयान में एजेसी ने ओबामा की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच हुए समझौतों की तारीफ की। इन समझौतों में असैन्य परमाणु सहयोग पर बने हुए गतिरोध को तोड़ना भी शामिल है।
 
एजेसी ने वर्ष 2008 में लागू हुए द्विपक्षीय असैन्य परमाणु सहयोग पर एक कानून का सक्रिय तौर पर समर्थन किया था और इसके साथ ही हरित ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने तथा ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन कम करने पर भी सहमति बनी।
 
आगे यह भी कहा गया कि एजेसी भारत और अमेरिका के साथ-साथ भारत और इसराइल के संबंधों के विस्तार को आगे बढ़ाने के लिए लगातार भारत की सरकारों, नागरिक समाज के लोगों और भारतीय-अमेरिकी नेताओं के साथ जुड़ा रहा है। 
 
अध्यक्ष स्टेनले बर्जमेन, इजाकसन और एजेसी एशिया-पैसिफिक इंस्टिट्यूट की निदेशक शीरा लोवेनबर्ग के नेतृत्व में एजेसी के प्रतिनिधिमंडलों ने वर्ष 2014 में दो बार नई दिल्ली की यात्रा की और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की। इसके अलावा बर्जमेन और एजेसी के अन्य नेताओं ने पिछले सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर प्रधानमंत्री मोदी से न्यूयॉर्क में मुलाकात की थी।
 
वर्ष 1989 में स्थापित इस एशिया पैसिफिक इंस्टिट्यूट के माध्यम से एजेसी भारत के साथ सक्रिय रूप में जुड़ा रहा है और नई दिल्ली, अमेरिका में, इसराइल में तथा अन्य देशों में भारतीय अधिकारियों एवं अन्य प्रतिनिधियों के साथ करीबी संबंध रखता है।
 
इस माह की शुरुआत में एजेसी ने नई दिल्ली में एक नए प्रतिनिधि अर्जुन हरदास की नियुक्ति की घोषणा की थी। (भाषा) 



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