Hanuman Chalisa

क्‍या है ‘जीरो माइल’... आखि‍र क्‍यों कहा जाता है नागपुर को भारत का केंद्र?

Updated: शनिवार, 17 अक्टूबर 2020 (17:09 IST)
देश के सबसे अच्‍छे संतरों की बात हो तो सबसे पहले महाराष्‍ट्र के नागपुर शहर का नाम जेहन में आता है। यह शहर एक मिली-जुली तहजीब के लि‍ए भी जाना जाता है। यहां राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ का मुख्‍यालय है तो वहीं हजरत ताजुद्दीन बाबा की प्रसिद्ध दरगाह भी है। वहीं शहर के एक मुहाने पर बौद्ध धर्म और इसके अनुयायि‍यों का प्रतीक स्‍मारक दीक्षा भूमि भी है।

कई खूबसूरत झीलों से घि‍रे इस शहर के आसपास वाले इलाके में फैला वनक्षेत्र शेर और उनके प्रजनन के लिए सुरक्षि‍त माना जाता है। इसलिए नागपुर को टाइगर कैपिटल ऑफ इंडिया भी कहा जाता है।

इतनी खूबि‍यों के अलावा नागपुर ‘जीरो माइल’ के लिए भी जाना जाता है। जीरो माइल यानी शून्‍य मील का पत्‍थर। कहा जाता है कि नागपुर भारत के बि‍ल्‍कुल मध्य में स्‍थि‍त है, इसलिए यहां जीरो माइल यानी शून्य मील का पत्थर लगाया गया है।

दरअसल, जब अंग्रेजों ने भारत को अलग-अलग स्‍टेट में विभाजित किया तो इस विभाजन के बाद नागपुर को पूरे देशभर का केंद्र माना गया था, इसलिए यहां एक पत्‍थर स्‍थापित किया गया था जिसे ‘जीरो माइल’ कहा गया।
पुरातत्‍वि‍क भाषा में इसे समझे तो नागपुर में जिस जगह पर जीरो माइल लगाया गया है वो भारत का भौगोलिक केंद्र है। इस सेंटर का उपयोग नागपुर से दूसरे राज्‍यों की दूरी को नापने के लिए भी किया जाता था।

हालांकि इस पहचान के साथ अब कुछ विवाद भी जुड़ गए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भारत विभाजन होने और पाकिस्‍तान बनने के बाद नागपुर भारत का केंद्र नहीं रहा है। उन रि‍पोर्ट के मुताबि‍क भारत के केंद्र अब मध्‍यप्रदेश के एक छोटे से गांव में आ गया है, यह गांव मध्‍यप्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा से करीब 40 किमी दूर करैन्‍दी में है। हालांकि यह सब रिपोर्ट के हवाले से ही कहा गया है, वेबदुनिया इस दावे की पुष्‍ट‍ि नहीं करती हैं।


जीरो माइल के बारें में कुछ खास बातें
लेखक के बारे में
नवीन रांगियाल
नवीन रांगियाल DAVV Indore से जर्नलिज्‍म में मास्‍टर हैं। वे इंदौर, भोपाल, मुंबई, नागपुर और देवास आदि शहरों में दैनिक भास्‍कर, नईदुनिया, लोकमत और प्रजातंत्र जैसे राष्‍ट्रीय अखबारों में काम कर चुके हैं। करीब 15 साल प्रिंट मीडिया में काम करते हुए उन्‍हें फिल्‍ड रिपोर्टिंग का अच्‍छा-खासा अनुभव है। उन्‍होंने अखबार.... और पढ़ें

Show comments

TVS iQube MillionR Edition लॉन्च, 145 किमी रेंज और Type-C चार्जिंग समेत मिलेंगे ये फीचर्स, हासिल किया 10 लाख यूनिट का आंकड़ा, कीमत जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान

नेपाल में बाढ़ से तबाही तो दिल्ली में H1N1 का कहर, मामलों की संख्या 3000 के करीब

कांवड़ यात्रा पर दिग्विजय सिंह के बयान से गरमाई सियासत, भाजपा ने बताया सनातन का अपमान, माफी की मांग

चीनी कैमरे ने रिकॉर्ड की Nepal की तबाही का भयावह दृश्‍य, जिस जगह टूटा था ग्लेशियर, वहां पहुंचा चीनी हेलीकॉप्टर

तिब्बत में टूटा ग्लेशियर का 'थूथन', नेपाल में हाहाकार, 30 फीट ऊंची प्रलयंकारी बाढ़ का खौफनाक सच

सभी देखें

कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए बड़ा बदलाव! योगी सरकार का APAAR ID पर फोकस, डिजिटल रिकॉर्ड से छात्रवृत्ति तक होंगे आसान

इंसानियत शर्मसार! नेपाल बाढ़ त्रासदी में दिखी हैवानियत, लाशों से गहने नोच रहे हैं नराधम

यूपी की आबादी चुनौती नहीं, बड़ी संभावना : CM योगी

यूपी के स्टार्टअप्स को योगी सरकार का भरोसा, फाउंडर्स बोले- बढ़ेगा इनोवेशन का दायरा

सीएम युवा योजना से मिली नई उड़ान, अमेठी की रूपाली देवी बनीं आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की मिसाल

अगला लेख