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नाश्‍ते में 150 केले, खाने में साढ़े 4 किलो चावल, कई समोसे और चि‍कन... कुल 37 किलो रोज खा जाता था यह ‘फूडी राजा’

Updated: गुरुवार, 17 दिसंबर 2020 (19:04 IST)
ये राजा इतना फूडी था कि रोज 37 किलो खाना खा जाता था, इतना ही नहीं रोज खाता था जहर... आखि‍र कौन था वो?

दुनिया में फूडीज की कोई कमी नहीं है। आजकल तो फूडीज होना यानि बहुत ज्‍यादा खाने के शौकीन होना एक फैशन है। लोग यह कहते नजर आते हैं कि आई एम फूडी वैरी मच...  लव टू इट...

लेकिन क्‍या आपको पता है कि इतिहास में एक ऐसा राजा हुआ है जो खाने का बेहद यानि बेहद ज्‍यादा शौकीन था, वो रोजाना सिर्फ अपने नाश्‍ते में ही एक कप शहद, 150 केले, खाने के समय साढे 4 किलो चावल के साथ ही कई समोसे, चिकन और कई तरह की मिठाइयां खा जाता था। यह राजा सिर्फ खाने के लिए जीता था।

आइए जानते हैं इस राजा के फूडी होने की कहानी।

इस राजा का नाम है, महमूद बेगड़ा। यह गुजरात के छठे सुल्तान रहे हैं। महमूद बेगड़ा ने 13 साल की उम्र में सिंहासन हासिल कर लिया था और करीब 52 सालों तक गुजरात पर शासन किया। कहा जाता है कि बेगड़ा अपने वंश का सबसे शानदार राजा था।

उनका असली नाम महमूद शाह प्रथम था। बाद में उन्हें कई इलाकों को जीतने और अपने राज्य में विलय करने के बाद बेगड़ा की उपाधि दी गई। यह भी कहा जाता है कि गिरनार राज्य पर कब्जा करने के बाद उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया था।

यह भी कहा जाता है कि महमूद बेगड़ा बहुत सुंदर राजा था। उसकी दाढ़ी बहुत बड़ी थी। उनकी दाढ़ी उनकी कमर तक लंबी बताई जा रही थी और उनकी दाढ़ी उनके सिर को ढकने के लिए काफी लंबी थी।

महमूद बेगड़ा के बारे में एक बात बहुत लोकप्रिय है। उन्होंने एक दिन में कम से कम 35 किलो खाना खाया। उन्होंने नाश्ते के लिए एक कटोरी शहद, एक कटोरी घी और डेढ़ सौ केले तक खाए। इतना ही नहीं, उन्हें रात में सिरानी के दाएं और बाएं खाना दिया जाता था ताकि भूख लगने पर वह खाना खा सके। राजा को रात में भूख लगती थी तो वे रात में भी उनके खाने का इंतजाम किया जाता था।

आलम यह था कि उनके खाने का कुल वजन 35 से 37 किलो हो जाता था, वो भी रोजाना। कहा जाता है कि राजा को एक बार जहर देने की भी कोशि‍श की गई तो उन्‍होंने रोजाना खाने में थोड़ा- थोड़ा जहर खाना शुरू कर दिया और अपने शरीर को इम्‍यून कर लि‍या यानि अपने आप को जहर खाने के योग्‍य बना लिया ताकि भविष्‍य में कोई जहर दे तो उनकी मौत न हो।

इस वजह से राजा महमूद का शरीर बहुत जहरीला हो गया था। तो ऐसी थी इस फूडी राजा की कहानी।
लेखक के बारे में
नवीन रांगियाल
नवीन रांगियाल DAVV Indore से जर्नलिज्‍म में मास्‍टर हैं। वे इंदौर, भोपाल, मुंबई, नागपुर और देवास आदि शहरों में दैनिक भास्‍कर, नईदुनिया, लोकमत और प्रजातंत्र जैसे राष्‍ट्रीय अखबारों में काम कर चुके हैं। करीब 15 साल प्रिंट मीडिया में काम करते हुए उन्‍हें फिल्‍ड रिपोर्टिंग का अच्‍छा-खासा अनुभव है। उन्‍होंने अखबार.... और पढ़ें

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