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मूल नक्षत्र की शांति के सामान्य 4 तरीके

बुधवार,फ़रवरी 19, 2020
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इस बार महाशिवरात्रि के दिन श्रवण नक्षत्र का साक्षी सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत योग एवं त्रयोदशी प्रदोष का योग बना है, जो शिवभक्तों के लिए बेहद फलदायी होगा। यह संयोग अत्यंत दुर्लभ है। इस संयोग में भगवान शिव के रुद्राभिषेक का पाठ करें। शिव विशेष वरदान ...
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महाशिवरात्र‍ि 21 फरवरी 2020 को है। आइए जानते हैं भगवान शिव को प्रिय 11 ऐसी सामग्री जो अर्पित करने से भोलेनाथ हर कामना पूरी करते हैं। ये 11 सामग्रियां हैं : जल, बिल्वपत्र, आंकड़ा, धतूरा, भांग, कर्पूर, दूध, चावल, चंदन, भस्म, रुद्राक्ष .....
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लाल किताब के अनुसार कालसर्प दोष कुछ नहीं, यह राहु का दोष है। सोचिए, कालसर्प दोष होता किस कारण है? दरअसल, इस योग या दोष के लिए राहु जिम्मेदार होता है। लाल किताब के अनुसार राहु बद और राहु नेक होता है। यदि राहु बद है और वह किसी भी खाने में बैठा है तो ...
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फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी की रात्रि में आदिदेव भगवान शिव करोड़ों सूर्यों के समान परम तेजस्वी लिंग के रूप में प्रकट हुए।
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प्रदोष को प्रदोष कहने के पीछे एक कथा जुड़ी हुई है। संक्षेप में यह कि चंद्र को क्षय रोग था, जिसके चलते उन्हें मृत्युतुल्य कष्टों हो रहा था। भगवान शिव ने उस दोष का निवारण कर उन्हें त्रयोदशी के दिन पुन:जीवन प्रदान किया था अत: इसीलिए इस दिन को प्रदोष ...
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हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार माह की त्रयोदशी तिथि में सायंकाल को प्रदोष काल कहा जाता है। इस प्रदोष व्रत को मंगलकारी एवं शिव की कृपा दिलाने वाला माना गया है।
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हर महीने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। अलग-अलग दिन पड़ने वाले प्रदोष की महिमा अलग-अलग होती है। सोमवार का प्रदोष, मंगलवार को आने वाला प्रदोष और अन्य वार को आने वाला प्रदोष सभी का महत्व और लाभ अलग अलग है। आओ जानते हैं इस ...
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भारत के प्राचीन धर्म के केंद्र में है भगवान शिव। उनके शैव धर्म ही भारत का पहला और प्राचीन धर्म है। हजारों वर्ष पूर्व से ही शिव की पूजा का प्रचलन रहा है। वेदों में शिव को रुद्र कहा गया है। सिंधु घाटी सभ्याता में मिले अवशेषों से भी यह सिद्ध होता है। ...
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भगवान श्रीकृष्ण की प्रेमिका राधा। महाभारत में 'राधा' के नाम का उल्लेख नहीं मिलता है। राधा का जिक्र विष्णु, पद्म पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण में मिलता है। आओ हम जानते हैं राधा रानी के 10 ऐसे रहस्य जिन्हें आपको जानना चाहिए। इनमें से कुछ प्रमाणिक हैं ...
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बुध ने कुंभ राशि में 17 फरवरी 2020, सोमवार से वक्री गति यानी टेढ़ी चाल से चलना शुरू कर दिया है और 10 मार्च 2020 को मार्गी यानी सीधा हो जाएगा।
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पौराणिक शास्त्रों में प्रदोष व्रत की बड़ी महिमा है। इस दिन भगवान शिव जी की विधिपूर्वक आराधना करने से सभी संकटों से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। आइए जानें कैसे करें पूजन :-
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हर साल लाखों छात्र-छात्राएं परीक्षा को लेकर तनाव से गुजरते हैं, लेकिन किसी की छात्र को परीक्षा से डरने की कोई जरूरत नहीं होती है। इससे डरने के इसका जश्न मनाना चाहिए, तभी तो आप अपनी एक्जाम में खरे उतर पाएंगे।
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प्रदोष माह में दो बार यानी शुक्ल एवं कृष्ण पक्ष की बारस अथवा तेरस को आता है। प्रदोष का व्रत एवं उपवास भगवान सदाशिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। प्रदोष काल में स्नान करके मौन रहना चाहिए, क्योंकि शिवकर्म सदैव मौन रहकर ही पूर्णता को प्राप्त ...
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दोष-व्रत को श्रद्धा व भक्तिपूर्वक करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। आज हम वेबदुनिया के पाठकों को प्रदोष-व्रत की पूर्ण जानकारी देंगे।
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सत्यं ब्रवीमि परलोकहितं ब्रव्रीम सारं ब्रवीम्युपनिषद्धृदयं ब्रमीमि। संसारमुल्बणमसारमवाप्य जन्तोः सारोऽयमीश्वरपदाम्बुरुहस्य सेवा ॥
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महाशिवरात्रि का शुभ पर्व 21 फरवरी 2020 को है। इस दिन भक्त अपनी-अपनी श्रद्धानुसार पूजन-व्रत और विधान करते हैं। जो पूजन नहीं करते वे भी दीपक अवश्य जलाते हैं। आइए जानते हैं दीपक जलाने के पवित्र नियम...
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भगवान भोलेनाथ की इस आरती से मनुष्य को संपूर्ण गृहस्थ सुख प्राप्त होता है। पढ़ें शिव जी को प्रिय उनकी आरती...
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हिन्दू धर्म के अनुसार आनंद की अनुभूति दिलाने वाले भगवान भोलेनाथ का शिव चालीसा पढ़ने का अलग ही महत्व है। शिव चालीसा के माध्यम से अपने सारे दुखों को भूला कर शिव की अपार कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
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19 फरवरी 2020, फाल्गुन कृष्ण एकादशी के दिन विजया एकादशी मनाई जा रही है। इस दिन व्रत-उपवास रखकर और रात्रि जागरण करके श्रीहरि विष्णुजी का पूजन-अर्चन तथा ध्यान करना चाहिए। यह विजया एकादशी 10 दिशाओं से विजय दिलाती है...आइए पढ़ें एकादशी का महात्म्य, पूजा ...
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