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Kovidar: कोविदार का वृक्ष कहां पाया जाता है?

Updated: बुधवार, 13 मई 2026 (18:50 IST)
Kachnar Kovidar tree कोविदार और कचनार के वृक्ष में बहुत मामूला अंतर है। कोविदार का वैज्ञानिक नाम बौहिनिया\ पुरपुरिया (Bauhinia\ purpurea) है जबकि कचनार का वैज्ञानिक नाम बौहिनिया\ वेरिएगाटा (Bauhinia\ variegata) है। कई शोधों और मान्यताओं के अनुसार, कोविदार को मंदार और पारिजात वृक्षों के संकरण (Hybrid) से बना एक देव वृक्ष भी माना जाता है। कुछ लोग मानते हैं कि यह कचनार और पारिजात वृक्ष के बीच की एक प्रजाति है।
 
कोविदार की पहचान: कोविदार के पत्ते ज्यादा दूर तक अलग-अलग रहते हैं। पत्तों में 9 से 11 शिराएं होती हैं। पुष्पकलिकाओं का घेरा उभरी हुई संधियों के कारण कोणयुक्त होता है। फूल नीले होते हैं।
 
कचनान की पहचान: कचनार के पत्ते के दोनों हिस्से गोल और तिहाई या चौथाई दूरी तक अलग रहते हैं। पत्तों में 13 से 15 शिराएं होती हैं। पुष्पकलिका का घेरा सपाट होता है। पुष्प बड़े, मंद खुश्‍बू वाले, सफेद, गुलाबी या नीले रंग के होते हैं।
 
कहां पाया जाता है कोविदार का वृक्ष? 
भारतीय उपमहाद्वीप: यह वृक्ष भारतीय उपमहाद्वीप का एक महत्त्वपूर्ण वृक्ष है। यह भारत, नेपाल और श्रीलंका में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। 
भारत में स्थान: यह भारत के विभिन्न राज्यों में सामान्य रूप से मिलता है, खासकर: उत्तर भारत के राज्य, जैसे: उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड।
किस प्रकार के क्षेत्र: यह मुख्य रूप से पहाड़ी क्षेत्रों, जंगलों, सड़कों के किनारे और सूखे-उष्ण (Dry-tropical) जलवायु वाले क्षेत्रों में पनपता है।
 
कोविदार का विशेष संदर्भ
अयोध्या का वृक्ष: यह वृक्ष पौराणिक और ऐतिहासिक रूप से अयोध्या से जुड़ा हुआ वृक्ष है।
अयोध्या का राज-चिह्न: वाल्मीकि रामायण के अनुसार, कोविदार वृक्ष त्रेता युग में अयोध्या का राज-चिह्न था। इसे राजसत्ता, शौर्य और धर्म का प्रतीक माना जाता था।
राम मंदिर का ध्वज: इसी पौराणिक महत्व के कारण, अयोध्या के भव्य श्री राम मंदिर के शिखर पर फहराए गए धर्म ध्वज पर भी सूर्य और ॐ के साथ कोविदार वृक्ष का चिह्न अंकित है।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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