Hanuman Chalisa

कविता : अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद

Updated: शनिवार, 3 मार्च 2018 (13:00 IST)
किसी भी क्रांतिकारी-बलिदानी ने स्वतंत्र राष्ट्र में अपने लिए या अपनी आगामी पीढ़ी के  लिए तख्त-ओ-ताज नहीं मांगा।
किंतु विगत सत्तर वर्षों से वो स्वर्ग में बैठे सोचते होंगे- 'आख़िर किनके लिए हमने अपने  प्राणों को बलिवेदी पर टांगा?'
हमें क्षमा करना वीर 'आजाद'
हमने देश को कर दिया बर्बाद 
आज भी कर्तव्य-पथ पर हो रहे कई निसार
देश में थोड़े-बहुत हैं आज भी ईमानदार किरदार
पर सत्तर सालों से गहरी धंसी विकासशील की कील
पूर्ण विकसित हो जाता देश कभी का होते जो सभी सुशील 
लेकिन करोड़ो-करोड़ रुपयों के होते रहे घोटाले
भ्रष्टाचार-प्रपंच पर 'भानु' कोई तो ताला डाले।
लेखक के बारे में
पं. डॉ. भरत कुमार ओझा 'भानु' (सारस्वत)

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

15 अगस्त विशेष: शहीदों के सपनों का भारत नारों से नहीं, हमारे चरित्र और कर्म से बनेगा

जब उम्मीद थक जाए, तब साहस काम आता है

असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी

गरीबी चुराने कोई नहीं आता!

अगला लेख