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छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय : मुंबई की अनमोल विरासत

बुधवार,मई 18, 2022
Mumbai museum
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International family day 2022 theme : प्रत्येक 15 मई को अंतर्राष्‍ट्रीय परिवार दिवस (IDF) मनाया जाता है। इस बार इसकी थीम है 'परिवार और शहरीकरण' अंतर्राष्ट्‍रीय समुदाय के बीच पारिवारिक संबंध के महत्व को उजागकर और स्थापित करने के लिए यह दिवस मनाया ...
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जब प्रकृति अपने रंग और अनुभूति कैनवास पर रखने को आतुर उठती है तब रवीन्द्र व्यास जैसे कवि-कलाकार कलम और कूंची साथ में उठाते हैं और सृजन का ऐसा हरा सुख सजा देते हैं जो मन के कहीं भीतर तक ठंडक के नर्म फाहे रख देता है। चिलचिलाती धूप में अगर तापमान का ...
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अपने जमाने के जाने माने कहानीकार सआदत हसन मंटो उर्फ मंटो की आज बर्थ एनिवर्सरी है। उनका जन्म 11 मई 1912 को पंजाब के समराला में हुआ था। मंटो को बदनाम, बेशर्म और बेखौफ लेखक माना जाता था। भारत का बंटवारा होने के बाद मंटो ने पाकिस्तान में रहना मंजूर किया ...
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सआदत हसन मंटों की कहानियों में कोई चमत्‍कारिक या किसी दूसरे ग्रह के बिंब नहीं हैं, वो अपने आसपास की जिंदगी से ही किरदारों और बिंब को उठाते हैं। वे रिश्‍तों का कीचड़ लिखते हैं, तो कभी शर्मसार कर देने वाली इंसानियत के बारे में।
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प्रख्यात संतूर वादक पंडित शिव कुमार शर्मा का कार्डिएक अरेस्ट से 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें किडनी से संबंधित बीमारी भी थी।उनकी और बांसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया की जोड़ी को शिव-हरि के नाम से जाना जाता है। आइए जानते हैं पंडित ...
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इसी सिलसिले में अमेरिका के फ्लोरिडा स्‍टेट के मियामी शहर में अनहद कृति -ई पत्रिका के सौजन्य से मातृ-दिवस पर हिंदी काव्य-संध्या ‘आज की शाम मां के नाम’ का आयोजन किया गया। यह आयोजन यहां के लोकप्रिय ‘मैथिसन हैमक्स’ पार्क में हुआ।
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पीड़ित छात्रा जहां उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की रहने वाली है, तो वहीं दुष्कर्म के आरोपी लेखक नीलोत्पल मृणाल झारखंड के रहने वाले हैं और कई सालों से दिल्ली में रह रहे हैं।
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हम कौन सी दुनिया में जीते है, कि छोड़ आते है आप जिसे खाक को सुपुर्द करके, कैसे आप उसी शख्स को दफन होने के बाद अपने आसपास नए सिरे से महसूस करने लगते हैं। किसी की गंध, छुअन, नमी, खुशबू, हंसी क्यों आपका पीछा करती है बरसों।
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मैंने कभी किसी भाषा को अपना दुश्मन नहीं समझा। किसी भाषा के इस्तेमाल से मुझमें असुरक्षा नहीं पनपी। क्योंकि मैं जानती थी कि मेरे अस्तित्व को किसी से खतरा नहीं है।
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मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन, भोपाल के द्वारा संयोजित चर्चित पत्रिका 'समकालीन प्रेरणा' द्वारा स्व. उर्मिला तिवारी की स्मृति में स्थापित प्रतिष्ठित सप्तपर्णी सम्मानों की घोषणा कर दी गई है।
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ज्ञान जीवन के सभी तत्‍वों का आधार है। इसके बिना कुछ भी संभव नहीं। न जीवन, न रोजगार, और न ही जीवन का कोई दूसरा हिस्‍सा।
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आज हम चुनकर लाए हैं आपके लिए टॉप-5 हिंदी उपन्यास,जिन्हें पढ़कर हिंदी साहित्य में आपकी रूचि और अधिक बढ़ जाएगी ... Top 5 Hindi Novel
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अगर कोई यह मानता है कि यह जीवन उसे सिर्फ एक बार ही मिला है तो यह जानिए कि वह पढ़ना नहीं जानता। वास्तव में अगर किताबें न हों तो बहुत से कार्य तो हमारे अधूरे ही रह जाएंगे। ज्ञान, मनोरंजन और अनुभव की बात कहती ये किताबें यूं ही नहीं पूजी जातीं। इनके ...
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विश्व पुस्तक तथा कॉपीराइट दिवस 'इन्हेन्स बुक रीडिंग हैबिट्स' के एकमात्र महत्वपूर्ण उद्देश्य से प्रेरित है। इसके माध्यम से इस प्रवृत्ति को विशेषकर बच्चों में प्रोत्साहित करना है। वर्तमान में 100 देशों में लाखों नागरिक, सैकड़ों स्वयंसेवी संगठन, ...
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सुंदरता, सहजता और सार्थकता के शुभ उद्देश्य के साथ जानीमानी कथाकार मनीषा कुलश्रेष्ठ ने एक ऐसी आकर्षक परिपाटी का आरंभ किया है जिसकी जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। कहानी के भाव पक्ष, कला पक्ष, शिल्प और कथ्य को लेकर पुराने और नए कथाकारों के बीच ...
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वहीं, 50,000 पाउंड के साहित्यिक पुरस्कार के लिए पांच अन्य पुस्तकों से अब इसकी प्रतिस्पर्धा होगी। पुरस्कार की राशि लेखिका और अनुवादक के बीच विभाजित की जाएगी।
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हम स्वयं नहीं जानते कि कब कौन-सी बात स्मृति-पटल पर अंकित हो जाती है और जाने किस मोड़ पर ये बावरी दबे पांव हमारी पथ-सखी बन जाती है। बेटा जब दूर देश की यात्रा के लिए निकलता है, तो मां सजल नेत्रों से प्रेम-पगा कलेवा बांध उसे विदा करती है। परदेस में ...
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जैसे जीते जी तुम्हारी आत्मा भटक रही है और तुम उसे भटकते हुए देख रहे हो। फिर किसी रात अंधेरे में वो तुम्हें धीमे से छू लेंगे। किसी दिन छोड़ देंगे अकेला। तुम अकेले, एक तरफा अपने प्रेम के एक्सट्रीम पर हो सकते हो।
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दुनिया में कोई भी सत्‍य आखि‍री सत्‍य नहीं है. सत्‍य के पीछे दूसरे सत्‍य की एक और परत होती है, मन के भीतर एक और मन. दुनिया में जगह-जगह बि‍खरे सत्‍य के बहुत सारे टुकड़ों में से हम अपनी सहूलियत के लिए अपने-अपने सत्‍य के टुकड़े चुन लेते हैं. -- और उसे ...
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