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‘व्‍हॉट अ वंडरफुल वर्ल्‍ड’ की धुन में गूंजती हुई वो अपनी आत्‍मा दुनिया में छोड़ गया...

मंगलवार,जून 21, 2022
jazz pop
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मान लीजिए की एक मुसाफिर मीलों का सफर तय करते हुए अपनी मंजिल की ओर बढ़े जा रहा है। उसे उतना ही सफर और तय करना है लेकिन, वो कुछ पल ठहरकर आराम करना चाहता है। उसे एक पेड़ नजर आता है, जिसकी छांव तले बैठकर वो कुछ पलों के लिए अपनी सारी थकान भूल जाता है। पेड़ ...
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संगीत को ईश्वर की भक्ति और स्तुति करने का एक उचित मार्ग बताया है। अतः इसलिए ही संगीत को एक साधना मार्ग बताया है। संगीत की साधना से आध्यात्मिक स्तर की भी वृद्धि होती है। ऐसे कई कलाकार हैं जिन्हें अपनी साधना के कारण उस सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति हुई ...
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भारत में तथा भारत के बाहर भी अब हिंदी अपना परचम लहराने लगी है, लेकिन अभी बहुत कुछ होना बाकी है, बहुत कुछ किया जाना भी लाज़मी भी है। ‘हिंदी से प्यार है’ समूह बमुश्किल एक साल से ‘साहित्यकार तिथिवार’ और ‘साहित्यकारों को समर्पित वेबसाइट’ बनाने जैसे दो ...
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उर्दू के मशहूर साहित्यकार गोपीचंद नारंग (Gopi Chand Narang) का निधन हो गया है। नारंग देश के अग्रणी साहित्यकार थे। वे साहित्य अकादमी के अध्यक्ष भी रह चुके थे। गोपीचंद नारंग को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) डीलिट की मानद उपाधि दी थी...
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पुणे की महत्वपूर्ण संस्था महाकवि कालिदास प्रतिष्ठान के अध्यक्ष वि. ग. सातपुते ने बताया कि कला व साहित्य के क्षेत्र में अपने महती योगदान से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके संदीप राशिनकर व विशिष्ट कृति ‘कुछ मेरी कुछ तुम्हारी’ से चर्चित लेखिका ...
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लेकिन अपनी रूमानी तबीयत के लिए भी वे खासे मशहूर थे। आज यानि 17 सितंबर को उनका इंतकाल हो गया था। आइए जानते हैं उनके रूमानियत वाले मि‍जाज के बारे में एक बहुत चर्च‍ित किस्‍सा।
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विगत दो वर्षों से कोरोना के चलते यह सम्मान आयोजित नहीं हो सके थे। इसके पूर्व यह सम्मान अमेरिका और कनाडा में आयोजित किए जाते रहे हैं।
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यह आयोजन पहली बार शहर में आयोजित किया गया। इससे पहले ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन यह आयोजन अमेरिका में आयोजित करता था। वहीं शिवना प्रकाशन भी देश के बड़े शहरों में शहर आयोजन करता था।
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"भिया रओम" यह शब्द इंदौरी बोली की पहचान है। किसी परिचित से मिलने पर या किसी से संवाद बढ़ने के लिए इस शब्द का प्रयोग किया जाता है। इसलिए इस आलेख का आरम्भ भी इसी से हुआ।
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पुरस्‍कार के ऐलान के बाद रेत समाधि किताब की बिक्री भी जोरों पर है। इंदौर की ही बात करे तो यहां कई बुक स्‍टॉल संचालकों से जब वेबदुनिया ने चर्चा की तो दुकानदारों ने बताया कि इस किताब की मांग बढ गई है। हर दूसरा और तीसरा पाठक रेत समाधि की मांग कर रहे ...
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‘गाय पर राजनीति’ हो या ‘गांधी हत्‍या’ को लेकर कोई तर्क। ये सारी बहसें सावरकर के जिक्र के बगैर पूरी नहीं होती है। धुंधले तौर पर ही सही लेकिन राजनीतिक परिदृश्‍य में सावरकर आज भी जिंदा हैं।
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हिंदी साहित्‍य में इस खबर के बाद खुशी की लहर है। साहित्‍यकार और लेखक इस सम्‍मान को हिंदी जगत के लिए गौरव की बात मान रहे हैं।
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लेखिका गीतांजलि श्री का उपन्यास ‘Tomb of Sand’ ने अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीत लिया है। गीतांजलि श्री की यह पुस्तक मूल रूप से हिंदी में ‘रेत समाधि’ के नाम से प्रकाशित हुई थी। जिसका अंग्रेजी अनुवाद ‘टॉम्ब ऑफ सैंड’, डेजी रॉकवेल ने किया है और जूरी ...
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मॉरिशस में हिन्दी का ही बोलबाला है। हर तरफ सिखाई और पढ़ाई जा रही है। आज वह निरंतर चमक रही है, महक रही है लेकिन दूसरी तरफ हमारी सीमाएं भी हैं। एक तरफ हम आगे बढ़ रहे हैं, अच्छा कर रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ वैश्विक स्तर पर हिन्दी आगे बढ़े उसके लिए ...
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एक अनमोल विरासत मुंबई में है जिसे छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय के नाम से आज जाना जाता है।इसका पूर्व नाम प्रिंस ऑफ़ वेल्स म्यूज़ियम था।
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International family day 2022 theme : प्रत्येक 15 मई को अंतर्राष्‍ट्रीय परिवार दिवस (IDF) मनाया जाता है। इस बार इसकी थीम है 'परिवार और शहरीकरण' अंतर्राष्ट्‍रीय समुदाय के बीच पारिवारिक संबंध के महत्व को उजागकर और स्थापित करने के लिए यह दिवस मनाया ...
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जब प्रकृति अपने रंग और अनुभूति कैनवास पर रखने को आतुर उठती है तब रवीन्द्र व्यास जैसे कवि-कलाकार कलम और कूंची साथ में उठाते हैं और सृजन का ऐसा हरा सुख सजा देते हैं जो मन के कहीं भीतर तक ठंडक के नर्म फाहे रख देता है। चिलचिलाती धूप में अगर तापमान का ...
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अपने जमाने के जाने माने कहानीकार सआदत हसन मंटो उर्फ मंटो की आज बर्थ एनिवर्सरी है। उनका जन्म 11 मई 1912 को पंजाब के समराला में हुआ था। मंटो को बदनाम, बेशर्म और बेखौफ लेखक माना जाता था। भारत का बंटवारा होने के बाद मंटो ने पाकिस्तान में रहना मंजूर किया ...
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सआदत हसन मंटों की कहानियों में कोई चमत्‍कारिक या किसी दूसरे ग्रह के बिंब नहीं हैं, वो अपने आसपास की जिंदगी से ही किरदारों और बिंब को उठाते हैं। वे रिश्‍तों का कीचड़ लिखते हैं, तो कभी शर्मसार कर देने वाली इंसानियत के बारे में।
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