हिन्दी दिवस विशेष : सोशल मीडिया और हिन्दी

एक समय था जब सोशल मीडिया पर ज्यादातर अंग्रेजी भाषा का ही प्रयोग होता था, और यह हिन्दी भाषियों के लिए सोशल मीडिया की राह में एक बाधा की तरह देखा जाता था। हालांकि यह बात और है कि हिन्दी दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। लेकिन अब बदलते वक्त के साथ-साथ हिन्दी भाषा ने सोशल मीडिया के मंच पर दस्तक देकर अपने अस्तित्व को और भी बुलंद तरीके से स्थापित किया है।

वर्तमान में सोशल मीडिया पर सक्रिय लोग अब हिन्दी भाषा का प्रयोग भी न केवल खुलकर बल्कि गर्व के साथ करते हैं। इससे पहले सोशल मीडिया पर अंग्रेजी का प्रयोग कई लोगों के लि‍ए सिर्फ जरूरत या मजबूरी हुआ करता था, लेकिन अब हिन्दी का प्रयोग, हिन्दी प्रेमियों के लिए प्राथमिकता और गर्व का विषय बन गया है।
 
सोशल मीडिया पर हिन्दी का प्रयोग, लोगों के लिए भीड़ से अलग दिखने का बेहद आकर्षक तरीका भी साबित हुआ है। जहां या ट्व‍िटर पर अंग्रेजी में लिखे गए पोस्ट और कमेंट्स की भीड़ में हिन्दी में लिखी गई पोस्ट या फिर कमेंट प्रयोगकर्ताओं को ज्यादा जल्दी आकर्ष‍ित करता है, वहीं हिन्दी भाषा का समृद्ध एवं अलंकृत होना, किसी भी प्रस्तुति का स्वत: ही महत्वपूर्ण बनाने में सहायक सिद्ध होता है। 
 
न केवल फेसबुक या ट्वटर, बल्कि अब वाट्सएप और टेक्स्ट मैसेज को भी सार्थक बनाने और मैसेज की ओर ध्यान आकर्ष‍ित करने के लिए विभिन्न कंपनियां तक हिन्दी भाषा का सहारा ले रही हैं। वे जानती हैं कि हिन्दी भाषा का विस्तार काफी अधिक है और अगर उन्हें भी खुद को दूर तक स्थापित करना है तो वही भाषा चुननी होगी, जिसके प्रति पाठक या ग्रा‍हक सहज और पारिवाहिक महसूस करता हो। इसके लिए हिन्दी से अच्छा विकल्प और कोई हो ही नहीं सकता। 
 
सोशल मीडिया पर हिन्दी भाषा को और भी विस्तारित करने का कार्य किया ब्लॉगर्स ने। हिन्दी ब्लॉगर्स की संख्या पिछले कुछ सालों में लगातार बढ़ी है। वहीं हिन्दी ब्लॉगिंग के जरिए ऐसे लोगों को विचारों की अभिव्यक्ति का बेहतरीन मंच मिला, जिनके लिए भाषा की रूकावट थी। 
 
वर्तमान में फेसबुक, ट्वीटर, ब्लॉग्स के अलावा, सोशल मीडिया में हिन्दी को और भी बेहतर तरीके से विस्तारित करने में भी अग्रणी है, जिस पर हिन्दी  सामग्री को प्रसारित करने के लिए हिन्दी भाषा का प्रयोग सर्वाधिक होता है। सोशल मीडिया पर जोक्स, मैसेज या अन्य सामग्री का ज्यादा से ज्यादा प्रचलित और प्रसारित होने का कारण भी हिन्दी भाषा ही है, क्यों यह उपयोगकर्ता और पाठक को सीधे और सरलता से जोड़ने का कार्य करती है। 

 
हिन्दी भाषा को सोशल मीडिया पर हाथों हाथ लिए जाने का एक कारण यह भी है, कि हिन्दी भाषा अभिव्यक्त का एक बेहतरीन माध्यम है। इसके भावों को समझने में असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता, और लिखी गई बात पाठक तक उसी भाव में पहुंचती है, जिस भाव के साथ उसे लिखा गया है। हिन्दी के तीव्र विस्तार का ग्राफ सोशल मीडिया पर मौजूद हिन्दी प्रेमी वर्ग की ओर इशारा करता है, जो लगातार वृद्ध‍ि करता देखा जा सकता है। यह हिन्दी भाषा की सुगमता, सरलता और समद्धता का ही कमाल है, कि विश्व स्तर पर आज हिन्दी, सोशल मीडिया के मंच पर खुद को सुशोभित कर पाई है, और काफी पसंद की जा रही है। 
 
 
कुछ वर्ष पहले तक विश्व में 80 करोड़ लोग हिन्दी समझते, 50 करोड़ बोलते और 35 करोड़ लिखते थे, लेकिन सोशल मीडिया पर हिन्दी के बढ़ते इस्तेमाल के चलते, अब अंग्रेजी उपयोगकर्ताओं में भी हिन्दी का आकर्षण बढ़ा है और इन आंकड़ों में भी तेजी से वृद्धि हुई है। वर्तमान में भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इंटरनेट उपयोगकर्ता है, जिसका श्रेय हिन्दी भाषा को भी जाता है। दरअसल भारत की आबादी का एक बड़ा तबका हिन्दी भाषा के प्रति सबसे अधिक सहज है और उसे सोशल मीडिया से जोड़ने में हिन्दी का सबसे बड़ा योगदान है। 
 
सोशल मीडिया पर हिन्दी भाषा के विस्तार की गति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अप्रैल 2015 तक देश में सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 14.3 करोड़ रही, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की संख्या पिछले एक साल में 100 प्रतिशत तक बढ़कर ढाई करोड़ पहुंच गई जबकि शहरी इलाकों में यह संख्या 35 प्रतिशत बढ़कर 11.8 करोड़ रही। सबसे खास बात यह है, कि न केवल उम्रदराज भारतीय, बल्कि अंग्रेजी का अच्छा-खासा ज्ञान रखने वाले युवा भी अब सोशल मीडिया पर हिन्दी भाषा में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। 

 

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