sawan somwar

विश्व रक्तदान दिवस : महिलाएं कितनी बार ब्लड डोनेट कर सकती हैं

Written By WD Feature Desk
Updated: बुधवार, 11 जून 2025 (13:31 IST)
World Blood Donor Day: हर साल 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस (World Blood Donor Day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य है, रक्तदान के महत्व को उजागर करना, लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित करना और उन अनगिनत जिंदगियों को याद करना जो रक्त की कमी के कारण बचाई नहीं जा सकीं।
 
जब भी रक्तदान की बात होती है तो पुरुषों की भागीदारी अधिक देखी जाती है, जबकि महिलाएं कई भ्रांतियों और स्वास्थ्य संबंधी आशंकाओं के कारण अक्सर पीछे रह जाती हैं। यह लेख इसी भ्रम को दूर करने और जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से लिखा गया है कि महिलाएं भी नियमित रूप से रक्तदान कर सकती हैं, लेकिन कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
 
महिलाएं ब्लड डोनेट कर सकती हैं या नहीं? 
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) और नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (NBTC) की गाइडलाइन्स के अनुसार, एक स्वस्थ महिला साल में दो बार ब्लड डोनेट कर सकती है। यह पुरुषों की तुलना में एक बार कम है क्योंकि महिलाओं को हर महीने मासिक धर्म और प्रेग्नेंसी जैसी बायोलॉजिकल प्रोसेसेज़ से गुजरना पड़ता है। इसके अलावा, यदि महिला का हीमोग्लोबिन लेवल 12.5 ग्राम/डेसीलीटर से अधिक है और उसका वजन 50 किलो या उससे ज्यादा है, तो वह बिल्कुल सुरक्षित तरीके से ब्लड डोनेट कर सकती है।
 
महिलाएं कम रक्तदान क्यों करती हैं? 
भारत जैसे देशों में महिलाओं के ब्लड डोनेट न करने के पीछे दो मुख्य कारण हैं, शारीरिक कमजोरी और सामाजिक मानसिकता। अक्सर यह माना जाता है कि महिलाएं पहले से ही एनीमिया या कमजोरी से जूझ रही होती हैं, इसलिए उन्हें ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए। सच तो यह है कि यदि महिला का स्वास्थ्य ठीक है, उसका हीमोग्लोबिन लेवल संतुलित है और उसे किसी क्रॉनिक बीमारी की शिकायत नहीं है, तो रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित है। यह भ्रांति कि रक्तदान से शरीर कमजोर होता है, अब पुरानी हो चुकी है।
 
ब्लड डोनेट करने से पहले महिलाओं को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
महिलाएं ब्लड डोनेट करने से पहले कुछ बेसिक हेल्थ चेकअप करवा लें जैसे कि –
महिलाओं के रक्तदान से जुड़ी 5 जरूरी बातें
रक्तदान: सिर्फ एक नेकी नहीं, स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है
बहुत से लोग सोचते हैं कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व है, लेकिन इसके पीछे हेल्थ बेनिफिट्स भी छुपे हुए हैं। ब्लड डोनेट करने से शरीर में नई रेड ब्लड सेल्स बनने लगती हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे हार्ट हेल्थ सुधरती है, कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रहता है और मानसिक रूप से भी संतोष मिलता है। 


अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। 
ALSO READ: 45 मिनट वॉक करने से ब्लड शुगर लेवल में आते हैं ये 5 बड़े बदलाव
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी

गरीबी चुराने कोई नहीं आता!

9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस: जानिए इतिहास और इसका महत्व

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर निबंध: जानें भारत की आजादी का इतिहास और महत्व

तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने किया त्रिपक्षीय सैन्य समझौता

अगला लेख