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क्या कुत्ते के पंजा मारने से रेबीज हो सकता है? जानिए इस डर और हकीकत के पीछे की पूरी सच्चाई

WD Feature Desk
शनिवार, 19 जुलाई 2025 (18:06 IST)
kutte ke panje marne se kya hota hai: आज की जिंदगी में पालतू जानवरों के साथ रहना अब सिर्फ शौक नहीं रहा, बल्कि यह कई लोगों के जीवन का हिस्सा बन गया है। खासतौर पर कुत्तों को लोग परिवार के सदस्य जैसा मानते हैं। लेकिन जब बात स्वास्थ्य और सुरक्षा की आती है, तब कई सवाल सामने आ जाते हैं, जैसे कि अगर कुत्ता पंजा मार दे या खरोंच दे, तो क्या रेबीज हो सकता है? यह सवाल सोशल मीडिया से लेकर गली-मोहल्ले तक चर्चा का विषय बन चुका है। आइए जानते हैं कि इस सवाल के पीछे मेडिकल साइंस क्या कहता है, और क्या वाकई कुत्ते के पंजा मारने से रेबीज होने का खतरा है?
 
कुत्ते का पंजा मारना, सामान्य घटना या गंभीर खतरा?
अक्सर ऐसा होता है कि कोई पालतू या आवारा कुत्ता खेलते या डरते समय पंजा मार देता है, जिससे त्वचा पर हल्की खरोंच या कभी-कभी कट भी लग सकता है। बहुत से लोग इसे हल्के में लेते हैं, लेकिन कुछ लोग इसे लेकर काफी घबरा जाते हैं, खासकर तब जब बात रेबीज जैसे जानलेवा संक्रमण की हो।
 
दरअसल, रेबीज एक वायरल बीमारी है जो मुख्य रूप से संक्रमित जानवर के काटने से फैलती है। यह वायरस आमतौर पर लार (saliva) के माध्यम से फैलता है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कुत्ते ने सिर्फ पंजा मारा है, और काटा नहीं है, तो क्या यह संक्रमण संभव है?
 
क्या कुत्ते के पंजे से भी फैलता है रेबीज?
इस सवाल का जवाब "स्थिति पर निर्भर" है। कुत्ते का पंजा अपने आप में रेबीज फैलाने वाला नहीं होता। लेकिन अगर उस पंजे पर पहले से लार या किसी घाव का वायरस मौजूद है, और पंजा लगने से आपकी त्वचा कट जाए या उसमें खरोंच आ जाए, तो थ्योरीटिकली संक्रमण का रिस्क मौजूद होता है। हालांकि, ऐसा होना बहुत ही दुर्लभ माना जाता है।
 
यदि कुत्ता रेबीज से संक्रमित है और वह अपने पंजे को चाटता रहता है, तो संभव है कि उस पर लार में मौजूद वायरस आ जाए। अगर वही पंजा आपकी स्किन को खरोंच दे, और खून निकले या ओपन कट हो, तो संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है। परंतु मेडिकल साइंस के अनुसार, यह स्थिति low-risk मानी जाती है, लेकिन पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं की जा सकती।
 
किन मामलों में खतरा ज्यादा होता है?
क्या करना चाहिए अगर कुत्ते का पंजा लग जाए?
अगर कुत्ते ने आपको पंजा मारा है, तो घबराने के बजाय नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:
 
घाव को तुरंत धोएं- सबसे पहले प्रभावित हिस्से को साबुन और बहते पानी से कम से कम 10 मिनट तक धोएं। इससे किसी भी संभावित वायरस की मात्रा कम हो सकती है।
 
एंटीसेप्टिक लगाएं- वॉश करने के बाद घाव पर एंटीसेप्टिक (जैसे कि डेटोल या बेताडीन) जरूर लगाएं।
 
डॉक्टर से सलाह लें- चाहे घाव छोटा ही क्यों न हो, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और बताएं कि घटना कैसे हुई।
 
एंटी-रेबीज वैक्सीन की सलाह- अगर डॉक्टर को लगे कि खतरा है, तो आपको एंटी-रेबीज वैक्सीन की डोज दी जा सकती है। आमतौर पर खरोंच की स्थिति में एक या दो डोज पर्याप्त होती हैं।
 

अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। 
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