Hanuman Chalisa

अब्राहम लिंकन का संशोधित पत्र

Updated: गुरुवार, 8 सितम्बर 2016 (12:04 IST)
अब्राहम लिंकन ने अपने पुत्र के शिक्षक को एक पत्र लिखा था, जो बहुत प्रसिद्ध है। आप सबने पढ़ा है। लेकिन वह पत्र लिखने के बाद जब उन्होंने भविष्य की परिस्थितियों के बारे में विचार किया तो उन्होंने पुन: अपने पुत्र के शिक्षक को पत्र लिखा, जो कुछ इस तरह है (एक सम-सामयिक व्यंग्य)


 
उसे सीखना होगा कि...
 
मैं जानता हूं कि उसे सीखना होगा कि गद्दी तक कैसे पहुंचा जाता है
 
उसे सिखाइए कि संसार में हमेशा अन्याय करने वाले
ही सफल होते हैं अत: न्याय के पथ पर चलना मूर्खता है
 
उसे बताइए कि राजनीति में कोई समाजसेवा के लिए नहीं आता है
सिर्फ अपना और अपने वालों का भला ही राजनीति है
 
हर समर्पित दिखने वाले राजनेता के पीछे एक स्वार्थ होता है
उसे पूरा करने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है
 
उसे बताइए कि हर दोस्त में एक जलनखोर दुश्मन होता है
उसे इस जलन को और तीव्र करने के गुण सिखाइए
 
उसे सिखाइए कि हर हाल में कैसे जीतना है?
हारने पर सबको कैसे सबक सिखाना है, यह भी उसे सिखाइए
 
उसे सिखाइए कि सही प्रकृति-प्रेम कैसा होता है?
वनों को काटकर जमीनें कैसे बेची जाती हैं, उसे बताएं
 
उसे सिखाइए कि नदी, रेत, कोयला, पत्थरों, खदानों को कैसे बेचना है
उसे गुंडई के गुर सिखाइए, क्योंकि राजनीति गुंडई से ही चलती है
उसे बताइए कि गुंडे पालकर ही वह बड़ा राजनीतिज्ञ बन सकता है
 
उसे पढ़ाइए कि पढ़ाई-लिखाई करना मूर्खों का काम है
अगर सफल होना है तो चमचागिरी का ज्ञान आवश्यक है
 
उसे कक्षा में बताइए कि अगर किताबें पढ़कर परीक्षा दोगे
तो सिर्फ पास होने लायक नंबर ला पाओगे
लेकिन अगर नकल माफिया को पैसे दोगे तो मेरिट में टॉप करोगे
 
उसे बताएं कि दूसरों पर अपने विचार कैसे थोपने हैं?
अगर वो उसके विचारों से सहमत नहीं है तो
उन्हें कैसे नीचा दिखाया जाए, यह उसे जरूर बताइए
 
उसे बड़े लोगों की चाटुकारी करना सिखाइए साथ ही
अपने चमचों पर मेहरबानी करना भी बताइए
उसे समझाएं कि जो ज्यादा मीठा बोलता है, वही अच्छा चमचा होता है
 
उसे सिखाएं कि आज के जमाने में दिखावा कितना महत्वपूर्ण है?
'जो दिखता है, वह बिकता है' सिद्धांत की व्याख्या उसे समझाइए
 
उसे तुलसीदास की चौपाई 'समरथ को नहीं दोष गुसाईं' पर चलना सिखाइए
उसे बताइए कि शक्तिशाली भले ही गलत हो, उसके साथ रहे
और कमजोर भले ही सही हो, उसे हमेशा दबाया जाए
क्योंकि एक कमजोर को दबाने से सौ कमजोर अपने आप दब जाते हैं
 
उसे दूसरों को नीचे गिराकर उनकी छाती पर पैर रखकर आगे बढ़ना सिखाएं
क्योंकि तभी वह सबसे आगे रह सकेगा और सफल कहला सकेगा
 
उसे सिखाइए कि दूसरों का अपने स्वार्थ के लिए कैसे प्रयोग किया जाता है
अगर आप उसे सिखा सकते हैं तो सिखाइए कि दूसरों का मजाक कैसे उड़ाया जाता है
क्योंकि तभी वह दूसरों को नीचा दिखाकर अपनी कमियां ढांक सकेगा
 
उसे सिखाएं कि अपनी आत्मा को कैसे मारा जाता है और
अपने आदर्शों को मोल-भाव करके कैसे बेचा जाता है?
क्योंकि जब तक वह इन्हें नहीं मारेगा, तब तक वह आगे नहीं बढ़ सकता
 
उसे भीड़ की भेड़ों को हांकना सिखाएं, क्योंकि भेड़ों का नेता बनना आसान होता है
उसे समय-समय पर कैसे रंग बदलना है, यह भी बताएं
 
उसे साहसी नहीं, हठधर्मी बनाएं
उसे विनम्र नहीं, उद्दंड बनाएं
उसे बहादुर नहीं, अवसरवादी बनाएं
 
उसे सिखाएं कि दूसरों के विश्वास को तोड़े बिना वह कुछ प्राप्त नहीं कर सकता
हां, उससे आप सम्मान की अपेक्षा बिलकुल न पालें
 
उसे सिखाएं कि अगर कोई शिक्षक उसके नाम के आगे
'सम्माननीय' शब्द न लगाए तो उसे कैसे अपमानित किया जाए
 
हालांकि यह कठिन कार्य है लेकिन आपको यह करना ही है
ये सभी गुण आपको उसमें विकसित करने ही होंगे
वर्ना आप बहुत पछताएंगे और इसकी सजा भी भुगतेंगे। 
लेखक के बारे में
सुशील कुमार शर्मा
वरिष्ठ अध्यापक, गाडरवारा.... और पढ़ें
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

सभी देखें

कविता- तू ना हो तो...

भारत की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में 6 बड़ी खामियां, आखिर कब होगा जरूरी सुधार?

लोकमान्य तिलक जयंती 2026: जीवन परिचय, इतिहास, महत्व और अनसुने तथ्य

Azad Jayanti 2026: जयंती विशेष: चन्द्रशेखर आजाद के जीवन की ऐसी घटनाएं, जिन्हें हर युवा को जानना चाहिए

ब्रिटिश सरकार न सरस्वती प्रतिमा वापस करेगी, न कोहिनूर हीरा

अगला लेख