अंडमान निकोबार द्वीप पर है रहस्य और रोमांच से भरपूर कैम्पबेल बे जंगल

भारत के जंगलों में शानदार हाथी की चिंघाड़, मोर का नाच, ऊंट की सैर, शेरों की दहाड़, लाखों पक्षियों की चहचहाहट सुनने और देखने को मिलेगी। भारत में जंगली जीवों की बहुत बड़ी संख्या है। यहां जंगली जीवों को देखने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। भारत में 70 से अधिक राष्ट्रीय उद्यान और 500 से अधिक जंगली जीवों के अभयारण्य हैं इसके अतिरिक्त पक्षी अभयारण्य भी हैं। आओ इस बार जानते हैं अंडमान निकोबार द्वीप समूह के के बारे में संक्षिप्त जानकारी।

कैम्पबेल बे राष्ट्रीय उद्यान :
1. यह राष्ट्रीय उद्यान भारत के केंद्र शासित राज्य अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ग्रेट निकोबार पर स्थित है। यह द्वीप समूह हिन्द महासागर (बंगाल की खाड़ी) में स्थित है।

2. निकोबार द्वीप समूह के सबसे बड़े द्वीप ग्रेट निकोबार पर स्थित एक राष्ट्रीय उद्यान है जिसे सन् 1992 में भारत के एक राष्ट्रीय उद्यान के रूप में अधिकृत किया गया और अब यह ग्रेट निकोबार बायोस्फीयर रिजर्व का हिस्सा है। हालांकि संपूर्ण द्वीप ही जंगल है और यहां कई संवरक्षित जंगल है।

3. पार्क का कुल क्षेत्रफल लगभग 426.23 वर्ग किमी है और एक 12 किमी चौड़े वन बफर जोन से छोटे गैलेथिआ राष्ट्रीय उद्यान से अलग होता है। गैलेथिआ राष्ट्रीय उद्यान का कुल क्षेत्रफल लगभग 110 वर्ग किमी है।

4. अन्य कई जंगली जानवरों के साथ ही क्रैब-खाने वाले लंगूर, मेगापोड, जायंट रॉबर केकड़ा और निकोबार कबूतर भी देखने को मिलते हैं। इसके अलावा आप यहां कछुए की दुलर्भ प्रजाति रिडले, लेदरबैक कछुआ, जंगली सूअर, हिरण, सिवेट बिल्ली आदि को देख सकते हैं।
5. यहां पहुंचने के लिए सरकार द्वारा संचालित हेलीकॉप्टर सेवा पवन हंस से ही जाया जा सकता है। यह सेवा पोर्ट ब्लेयर से ले सकते हैं। राजधानी शहर पोर्ट ब्लेयर से यह नेशनल पार्क लगभग 298 समुद्री मील दूर है। पोर्ट ब्लेयर का निकटतम रेलवे स्टेशन 1369 किमी दूर चेन्नई रेलवे स्टेशन है। मार्च और अक्टूबर के महीनों के बीच इस राष्ट्रीय उद्यान की सैर का सबसे आदर्श समय होता है।



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