जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, प्रकृति और भयानक जंगली पशुओं के बीच रोमांच का सफर

भारत के जंगलों में शानदार हाथी की चिंघाड़, मोर का नाच, ऊंट की सैर, शेरों की दहाड़, लाखों पक्षियों की चहचहाहट सुनने और देखने को मिलेगी। भारत में जंगली जीवों की बहुत बड़ी संख्या है। यहां जंगली जीवों को देखने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। भारत में 70 से अधिक राष्ट्रीय उद्यान और 500 से अधिक जंगली जीवों के अभयारण्य हैं इसके अतिरिक्त पक्षी अभयारण्य भी हैं। आओ इस बार जानते हैं उत्तरांचल के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के बारे में संक्षिप्त जानकारी।

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क :
1. उत्तरांचल में स्थित जिम कॉर्बेट पार्क का पहले नाम हैली नेशनल पार्क था परंतु बाद में 1957 में महान प्रकृतिवादी, प्रख्यात संरक्षणवादी स्वर्गीय जिम कॉर्बेट की याद में पार्क को कॉर्बेट नेशनल पार्क के रूप में परिवर्तित किया गया। यह पार्क सन् 1936 ईस्वी में स्थापित हुआ। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में 521 वर्गमीटर में फैला हैं।


2. पार्क में 488 विभिन्न प्रजातियों के पौधे और 110 प्रकार के पेड़, 51 प्रकार की झाडियां, 30 प्रकार के बांस, 50 स्तनपायी नस्ल के प्राणी, पक्षियों के 580 जातियां, 25 प्रकार के रेंगने वाले जीव पाए जाते हैं। इस पार्क में विभिन्न प्रकार के सुंदर-सुंदर पुष्प और वन्यजीव पाए जाते हैं। रघुराई तथा जगदीप, राजपूत जो कि जाने-माने फोटोग्राफर हैं, ने वन्य जीवन के सौंदर्य को अपने चित्रों में केंद्रित किया है।

2. यहां के सुरक्षित प्राकृतिक स्थलों में हाथी, चीता, शेर आदि रहते हैं। यह पार्क प्रोजेक्ट टाइगर का एक अभिन्न अंग है। पार्क के प्राकृतिक पहाड़ों की गोद में चीते दिखाई देते हैं। इसके अलावा विस्तृत किस्म के वन्य जीवन हैं जिनमें हाथी, बाघ, चीता, चीतल, सांभर हिरण, बार्किंग हिरन, नीलगाय, घड़ियाल, किंग कोबरा, मुंतजिक, पाढ़ा, जंगली सूअर, स्लोथ भालू, घूरल, लंगूर, रेसस बंदर, हेजहोग, आम मस्क श्रू, फ्लाइंग फॉक्स, इंडियन पैंगोलिन शामिल हैं। शामिल हैं। विभिन्न प्रकार की नाकॅटरनल बिल्लियां यहां पाई जाती हैं। इसके अलावा अनेक जंगली बिल्लियां भी मिलती हैं। स्लोथ भालू पार्क के निचले हिस्से में पाए जाते हैं तथा हिमालयीन ब्लैक भालू पहाड़ी की ऊंचाइयों पर रहते हैं।


3.पक्षियों में यहां मोर, तीतर, कबूतर, उल्लू, हॉर्नबिल, बार्बिट, चक्रवाक, मैना, मैगपाई, मिनिवेट, तीतर, चिड़िया, टिट, नॉटहैच, वागटेल, सनबर्ड, बंटिंग, ओरियल, किंगफिशर, ड्रोंगो, कबूतर, कठफोडवा, बतख, चैती, गिद्ध, सारस, जलकाग, बाज़, बुलबुल और फ्लायकेचर शामिल हैं।

4. राम गंगा नदी के किनारे आप स्नाउट मछली को खाने वाले घड़ियाल, मगरमच्छ मिलते हैं। पथरीली पहाड़ियों के किनारे आपको घोराल भी मिल सकते हैं। अगर सामने से शेर या चीता आ रहा हो तो लंगूर तथा रीहस्स बंदर अपनी आवाज से पूरे जंगल को उनके आने की चेतावनी देते हैं।


5. इस जंगल में घूमना चाहते हो तो पार्क के प्रवेश द्वार के रूप में चार द्वार हैं, जो अमदंडा द्वार, धनगरही द्वार, खारा द्वार और दुर्गा देवी द्वार हैं। हर द्वार में प्रवेश करके के बाद जंगल के अलग की रूप के दर्शन होते हैं। वे पर्यटक जो कॉर्बेट नेशनल पार्क के सुनसान जंगलों का भ्रमण करने की योजना बना रहे हैं वे ढिकाला भी जा सकते हैं जो पाटिल दून घाटी के किनारे स्थित है। ढिकाला से घाटी का मनोरम दृश्य देखा जा सकता है जिसकी पृष्ठभूमि में कांडा पर्वतश्रेणी है। कलागढ़ बांध एक अन्य स्थान है जो उद्यान के दक्षिण पश्चिम में स्थित है। यह स्थान पक्षियों को देखने के लिए उचित स्थान है। ठंड के मौसम के दौरान प्रवासी पक्षी मुख्य रूप से मुरगाबी यहां सामान्य रूप से देखी जा सकती है।

6. के नैनीताल जिले में स्थित है और भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है। यहां का निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर हवाई हैं जहां से जंगल की दूरी लगभग 80 किलोमीटर हैं। निकटतम रेलवे स्टेशन रामनगर रेलवे स्टेशन हैं जयहां से जंगल की दूरी लगभग किलोमीटर 5 हैं।



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