कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर आज लोहड़ी मनाएंगे आंदोलनकारी किसान,26 जनवरी को किसान गणतंत्र परेड पर भी अड़े

Author विकास सिंह| पुनः संशोधित बुधवार, 13 जनवरी 2021 (09:55 IST)
नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर विरोध कर रहे किसानों के आंदोलन का आज 49 वां दिन है। सुप्रीम कोर्ट से तीनों कृषि कानूनों के अमल पर रोक लगाने के बाद भी किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। किसानों ने सुप्रीम कोर्ट के कानून पर रोक लगाने के फैसले का स्वागत करते हुए साफ किया है कि कानूनों के रद्द होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार आज किसान दिल्ली की सभी सीमाओं पर अपने-अपने धरने स्थल लोहड़ी का पर्व मनाने जा रहे है। पंजाब और हरियाणा के साथ देश भर के किसान इस बार लोहड़ी का त्यौहार तीन केंद्रीय कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर मनाने जा रहे है। किसान संगठनों ने साफ किया है कि तीनों किसान विरोधी कानूनों को रद्द करवाने और एमएसपी की कानूनी गारंटी हासिल करने के लिए किसानों का शांति पूर्वक एवं लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने साफ किया है कि के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है और कानूनों के रद्द होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आज लोहड़ी पर तीनों कानूनों को जलाने के बाद,18 जनवरी को महिला किसान दिवस, 20 जनवरी को गुरु गोविंद सिंह की याद में शपथ लेने और 23 जनवरी को आज़ाद हिंद किसान दिवस पर देश भर में राजभवन का घेराव करने का कार्यक्रम होगा। इसके साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा ने एलान किया है कि गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर देशभर के किसान दिल्ली पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से "किसान गणतंत्र परेड" के कार्यक्रम में शामिल होंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने
सुप्रीम कोर्ट ने नए कृषि कानूनों के लागू करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। आज सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले पर सुनवाई करते हुए कृषि कानूनों के अमल पर रोक लगाने के साथ
इस मुद्दे को हल करने और बातचीत
के लिए चार
सदस्यीय कमेटी बना दी है। इस कमेटी में भारतीय किसान यूनियन के बाद भूपेंद्र सिंह मान, कृषि एक्सपर्ट अशोक गुलाटी, महाराष्ट्र के शेतकारी संघटना के अनिल घनवत और डॉ. प्रमोद कुमार जोशी को शामिल किया गया है।




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